पगमार्क मिलने से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग अलर्ट
चूरू /सुभाष प्रजापत, जिले में एक बार फिर लेपर्ड की मौजूदगी दर्ज की गई है। जिले से करीब 10 किलोमीटर दूर बूंटिया गांव की रोही में लेपर्ड के पगमार्क मिलने से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है।
पगमार्क से हुई लेपर्ड की पुष्टि
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद दोपहर के समय लेपर्ड के मूवमेंट की पुष्टि की गई।
चूरू वन विभाग के रेंजर पवन कुमार शर्मा ने बताया कि बूंटिया की रोही में मिले पगमार्क लेपर्ड के ही हैं।
“संभावना है कि लेपर्ड को इस इलाके में शिकार और पानी उपलब्ध हुआ है, इसी कारण वह यहां मूव कर रहा है।” – पवन कुमार शर्मा, रेंजर
15 किलोमीटर लंबा सर्च अभियान
पगमार्क मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने बूंटिया, कड़वासर और भामासी की रोही तक करीब 15 किलोमीटर लंबा सर्च अभियान चलाया।
इस दौरान ग्रामीण भी टीम के साथ मौजूद रहे, हालांकि अब तक किसी ने लेपर्ड को प्रत्यक्ष रूप से देखने की पुष्टि नहीं की है।
लोगों को सतर्क रहने की अपील
डीएफओ भवानीसिंह शेखावत ने क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि
- आबादी से बाहर अकेले न जाएं
- आवागमन के दौरान पूरी सावधानी बरतें
- लेपर्ड दिखने या संदिग्ध मूवमेंट की स्थिति में तत्काल वन विभाग की हेल्पलाइन पर सूचना दें
पहले भी जताई गई थी आशंका
गौरतलब है कि इससे पहले रविवार रात को गांव गिन्नी पट्टा लोहासना में भी लेपर्ड की मौजूदगी की आशंका जताई गई थी। एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में लेपर्ड दिखाई देने का दावा किया गया था, हालांकि उस मामले में वन विभाग ने पुष्टि नहीं की थी।
इसके विपरीत, सोमवार को बूंटिया गांव में मिले पगमार्कों की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग द्वारा कर दी गई है।