मानव सेवा की मिसाल बने युवा प्रधानाचार्य विक्रम सिंह चौहान
रतनगढ़ (चूरू) स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रकाश रतनगढ़ के युवा प्रधानाचार्य विक्रम सिंह चौहान ने मानव सेवा की दिशा में एक अनुकरणीय कदम उठाते हुए मरणोपरांत देहदान की घोषणा की है।
मेडिकल कॉलेज को सौंपा लिखित संकल्प
प्रधानाचार्य चौहान ने इस संबंध में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मेडिकल कॉलेज, चूरू को लिखित आवेदन पत्र प्रस्तुत कर देहदान का संकल्प लिया।
मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग द्वारा इस आवेदन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
जरूरतमंदों के लिए नई आशा
देहदान की घोषणा करते हुए प्रधानाचार्य विक्रम सिंह चौहान ने कहा
“मेरी इच्छा है कि मृत्यु उपरांत मेरे सभी अंग जरूरतमंद लोगों के जीवन में एक नई आशा का संचार करें।”
मेडिकल कॉलेज ने किया सम्मान
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने चौहान के इस मानव सेवार्थ और समाजोपयोगी निर्णय को अनुकरणीय बताते हुए उन्हें प्रशंसा पत्र प्रदान किया।
समाज के लिए प्रेरणा
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक युवा प्रधानाचार्य द्वारा देहदान का संकल्प लेना न केवल चूरू जिले, बल्कि पूरे शेखावाटी क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। इससे समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।