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हरियाणा की छोरी ने किया कमाल,कबाड़ बेचने वाले की बेटी को माइक्रोसॉफ्ट में मिला 55 लाख का पैकेज, मुश्किलों से लड़कर पाई सफलता

Success Story : हरियाणा के हिसार की रहने वाली सिमरन ने कमाल कर दिया है। सिमरन की चर्चा हर जगह हो रही है। सिमरन अब माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन गई है और उनका सालाना पैकेज 55 लाख है। सिमरन नाम कड़ी मेहनत से सफलता पाई है।

पिता घूम घूम कर बेचते हैं कबाड़

सिमरन के पिता राजेश कुमार गांव की गलियों में कबाड़ के बदले बर्तन बेचकर परिवार चलते हैं। सिमरन तीन बहन और एक भाई है। उनके परिवार का ऐसा स्थिति नहीं था की पढ़ाई का खर्च उठाया जा सके लेकिन राजेश ने हिम्मत नहीं हारी।

वह हमेशा से चाहते थे कि उनकी बेटियां पढ़ लिखकर कुछ बड़ा करें और सिमरन ने पिता के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई । कड़ी मेहनत करके उन्होंने अपने पिता के सपने को साकार कर दिखाया।

IIT से सिमरन ने किया इंजीनियरिंग

सिमरन हिसार के बालसमंद गांव की रहने वाली है। साल 2021 में सिमरन ने पहले प्रयास में ही JEE की परीक्षा पास कर ली और आईआईटी मंडी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में दाखिला लिया। सिमरन ने कंप्यूटर साइंस से ऐड ऑन विषय के तौर पर पढ़ाई रख जारी रखा।

सिमरन के पिता रोजाना 300 से 500 कमाते थे और उनसे उनका गुजारा होता था। सिमरन अपने घर में सबसे बड़ी बेटी है और उनके माता-पिता ज्यादा शिक्षित नहीं है। सिमरन के माता-पिता ने उनकी पढ़ाई के लिए उन्हें हिसार भेजा। सिमरन ने भी अपने माता-पिता के सपने को साकार करने के लिए रात-दिन मेहनत किया। माइक्रोसॉफ्ट हैदराबाद में उन्होंने इंटर्नशिप किया और इंटर्नशिप के बाद उन्हें 55 लाख के पैकेज पर नौकरी के लिए चुना गया।