Success Story: यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल बड़े पैमाने पर बच्चे इस कठिन परीक्षा को देते हैं लेकिन इसमें सफलता पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। यूपीएससी की परीक्षा धैर्य और समय मांगता है इसके साथ ही यह परीक्षा दुनिया के कठिन परीक्षाओं में भी शामिल है।
कुछ ऐसे बच्चे होते हैं जो कई बार फेल होने के बाद भी मुश्किलों से लड़कर इतिहास लिख देते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही कैंडिडेट की कहानी बताएंगे जिन्होंने तीन बार फेल होने के बाद भी हार नहीं मानी और यूपीएससी जैसे कठिन परीक्षा को पास कर दिखाया।
झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली कनिका ने यूपीएससी IFS में रैंक वन प्राप्त किया है और अपने जिले के साथ परिवार का नाम रोशन किया है। वह IAS टीना डाबी को अपना इंस्पिरेशन मानती है। उन्होंने कहा था कि वह कभी सोची ही नहीं थी कि उन्हें रैंक वन मिल जाएगा क्योंकि तीन बार पहले वह प्रीलिम्स में फेल हो चुकी हैं। वह पूरी तरह से हताश हो चुकी थी।
वह रोजाना 10 घंटे पढ़ाई करती थी और दो-दो घंटे का शेड्यूल बात कर रखी थी ताकि वह रिवीजन कर सके। उन्होंने लक्ष्मीकांत जैसे किताबों को 25 बार रिवाइज किया था। एनसीईआरटी के किताबों को भी 20 शब्द पढ़ा था और सोशल मीडिया पर लोगों से मिलना बंद कर चुकी थी इसके साथ हीं वह मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल नहीं करती थी।
वह बस किसी डाउट को क्लियर करने के लिए फोन का इस्तेमाल करती थी और अच्छे स्ट्रेटजी के साथ पढ़ाई की। कड़ी मेहनत के बदौलत कनिका ने इस कठिन परीक्षा को पास कर दिखाया।