Posted inEducation News (एजुकेशन समाचार)

एग्जाम से 2 दिन पहले फूटी आंख, पति और बेटी की मौत भी डिगा नहीं पाई हौसला, मुश्किलों से लड़कर रोहिणी गुर्जर बनी अफसर

Success Story: विपरीत परिस्थितियों में कई लोग टूट जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो मुश्किलों से लड़कर अपनी किस्मत लिख देते हैं। आज हम आपको रोहिणी गुर्जर की कहानी बताएंगे जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और मुश्किलों से लड़ते हुए उन्होंने अपने लक्ष्य को प्राप्त करके दिखाया। रोहिणी गुर्जर की कहानी पढ़ कर आपकी आंखों में आंसू आ जाएंगे। रोहिणी की कहानी हमें बताती है कि जीवन में कितनी भी मुश्किलें आए हमें हार नहीं माननी चाहिए।

वैसे तो प्रतियोगी परीक्षाओं में हमेशा कई अनकही कहानी सुनने को मिलती है जो संघर्ष से भरपूर होती है लेकिन रोहिणी की कहानी सबसे हटकर है। रोहिणी की कहानी पढ़ कर आप कहेंगे कि इंसान चाहे तो जीवन में सब कुछ हासिल कर सकता है। आज हम आपको रोहिणी गुर्जर की कहानी बताएंगे जो RAS अधिकारी है।

अजमेर की रहने वाली है रोहिणी गुर्जर

रोहिणी गुर्जर अजमेर जिले के नारेली गांव की रहने वाली है। रोहिणी की कहानी पढ़ कर आपकी आंखों में आंसू आ जाएंगे। रोहिणी ने 2006 में स्नातक किया और उन्होंने सपना देखा कि वह अधिकारी बने और उनके परिवार वालों ने भी उनके साथ दिया। शादी के बाद रोहिणी अपने पति के साथ RAS की तैयारी में जुट गई।

तैयारी के दौरान ही उनके पति की मृत्यु हो गई इसके बाद रोहिणी पूरी तरह से टूट गई लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और फिर तैयारी करने लगी। पति के निधन के बाद रोहिणी के दादी की मृत्यु हो गई जो उन्हें हिम्मत देती थी। इसके बाद भी घरवालों के सहयोग से वह पढ़ाई जारी रखी।

मायके और ससुराल दोनों का मिला सहयोग

रोहिणी गुर्जर का सहयोग उनके मायके और ससुराल पक्ष दोनों के लोगों ने किया। हालांकि तैयारी के दौरान ही रोहिणी गुर्जर की 10 साल की बेटी की मृत्यु हो गई। मेंस परीक्षा के 8 दिन पहले उनकी बेटी ने दुनिया को अलविदा कह दिया इसके बाद भी रोहिणी ने हिम्मत जताकर तैयारी जारी रखी।

एग्जाम से 2 दिन पहले फूट गई एक आंख

परिस्थितियों से लड़ते हुए रोहिणी इंटरव्यू की तैयारी करने लगी लेकिन मेंस एग्जाम के पहले जयपुर जाते समय रोहिणी का एक्सीडेंट हो गया और उनकी एक आंख फूट गई। रोहिणी ने फिर भी हार नहीं मानी एक आंख पर पट्टी बांधे होने के बाद भी उन्होंने मेंस का एग्जाम दिया। रोहिणी का कहना है कि इंसान को जीवन में कभी हिम्मत नहीं हारना चाहिए हमेशा लड़ते रहना चाहिए। रोहिणी की कहानी हमें बताती है कि इंसान चाहे तो जीवन में सब कुछ हासिल कर सकता है।