Posted inEducation News (एजुकेशन समाचार)

IAS Success Story: साइबर कैफे चलाकर जोड़ी फीस, कई बार मिली असफलता लेकिन नहीं मानी हार, बस ड्राइवर का बेटा बना IAS

IAS Success Story: यूपीएससी को देश के सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों की संख्या में बच्चे इस कठिन परीक्षा को देते हैं लेकिन इनमें से सफलता कुछ बच्चों को ही मिलता है। कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जो मुश्किलों से लड़कर इस परीक्षा में सफलता हासिल कर लेते हैं।

आज हम आपको एक ऐसे लड़के की कहानी बताएंगे जिसने मुश्किलों से लड़कर एक सफलता की कहानी लिख दी। हम आपको उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मोइन अहमद की कहानी बताएंगे।मोइन अहमद के पिता बस ड्राइवर है। गरीबी होने की बावजूद भी मोइन अहमद ने बड़ा सपना देखा और मुश्किलों से लड़कर यूपीएससी जैसे परीक्षा को पास कर दिखाया।

गरीबी से लड़कर बने IAS

मोइन अहमद बचपन से ही अफसर बनना चाहते थे लेकिन उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं था। मोइन अहमद के पिता हसन एक बस ड्राइवर के तौर पर काम करते हैं और उनकी मां तस्लीम हाउसवाइफ है। मोइन अहमद पांच भाई बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। मोईन के घर की हालत इतनी ठीक नहीं थे कि वह बाहर रहकर पढ़ सके और अपने सपने को पूरा कर सके।

साइबर कैफे चलाकर फीस जोड़ी

मोइन अहमद कम उम्र में ही साइबर कैफे चलाना शुरु कर दिए और साइबर कैफे चला कर वह अपना यूपीएससी का फीस जोड़ने लगे।

मोइन अहमद ने जब बताया कि वह आईएएस अफसर बनना चाहते हैं तो उनके पिता और उनके रिश्तेदारों ने इस बात का काफी विरोध किया। रिश्तेदारों ने इसे टाइम पास वाला सपना बताया लेकिन मोइन अहमद ने हार नहीं मानी।

हार नहीं मानी और दिल्ली का रुख


अपने सपने को पूरा करने के लिए मोइन ने 2019 में साइबर कैफे की नौकरी छोड़ दी और तैयारी के लिए दिल्ली चले गए। दिल्ली में रहने और कोचिंग का खर्च उठाने के लिए उन्हें ढाई लाख रुपये का लोन भी लेना पड़ा।

चौथे प्रयास में मिली शानदार सफलता


मोइन अहमद की कड़ी मेहनत मां के सपोर्ट और अटूट दृढ़ संकल्प का फल उन्हें चौथे प्रयास में मिला। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 296वीं रैंक हासिल की। इस शानदार सफलता के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी के रूप में चुना गया।