Success Story: अक्सर अपने बड़े बुजुर्गों को कहते हुए सुना होगा कि इंसान अगर कोशिश करें तो जीवन की हर परेशानियों से लकड़ी इतिहास रच सकता है। आज हम आपको एक ऐसी ही लड़की के बारे में बताएंगे जिसने मुश्किलों से लड़ते हुए इतिहास रच दिया है।
मणिपुर के एक छोटे से गांव की रहने वाली लड़की एनौनी मात्र 22 साल की उम्र में भारतीय सेना में अफसर बन गई है। वह लोग समुदाय की पहली ऐसी लड़की है जो भारतीय सेना में अफसर बनी है।एनोनी ने चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में ट्रेनिंग पूरा किया इसके बाद उन्हें कमीशन मिला।
2025 दिसंबर को पासिंग आउट परेड कंप्लीट हुआ इस दौरान जश्न मनाया गया। अनौनी के सफलता से सिर्फ उनके परिवार ही नहीं बल्कि उनके राज्य में भी खुशी की लहर दौड़ गई।
एनोनी माओ नागा समुदाय की पहली ऐसी लड़की है जो इंडियन आर्मी में अफसर बनी है। यह समुदाय मुख्य रूप से मणिपुर के सेनापति जिले के उत्तरी हिस्से में रहता है जो नागालैंड से सटा हुआ है। यह लोग बस और मिट्टी से बने घर में रहते हैं और पारंपरिक सुंदर पोशाक पहनते हैं। इनकी आबादी 1 लाख के करीब है।एनोनी इस समुदाय की पहली ऐसी लड़की है जिसने वर्दी पहना है।
एनोनी के पिता सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं जिससे उनके घर के आठ लोगों का खर्च चलता है। उनके पिता पहले एक सिपाही थे बाद में उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर ली।एनोनी ने इंडियन आर्मी में जाने का सपना देखा और इसे पूरा करने के लिए की जान लगा दी। उन्होंने स्कूल के दौरान एनसीसी ज्वाइन किया और एनसीसी सीनियर विंग का हिस्सा भी रही। इसके बाद वह दिल्ली आ गई और 22 साल की उम्र में अब वह अफसर बन गई है।