दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 24 जून को कुछ ही सेकंड के अंतराल में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसके लगभग 40 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा झटका आया। इन झटकों से राजधानी काराकास सहित कई क्षेत्रों में इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और कई बहुमंजिला भवन ढह गए। शुरुआती आधिकारिक जानकारी के अनुसार दर्जनों लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि राहत अभियान जारी है।
आपातकाल घोषित, राहत-बचाव अभियान तेज
हालात की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया। सरकार ने डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों से तत्काल अस्पतालों में पहुंचने की अपील की है। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित होने से राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
सरकार ने नागरिकों से आधिकारिक मोबाइल प्लेटफॉर्म VenApp के माध्यम से लापता लोगों की जानकारी और संपत्ति को हुए नुकसान की रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील की है, ताकि राहत एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर सकें।
एयरपोर्ट बंद, स्कूलों में छुट्टी
भूकंप के कारण राजधानी के सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद उसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। एहतियात के तौर पर कई स्कूल और कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं। प्रारंभिक सुनामी चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
अंतरराष्ट्रीय मदद की पेशकश
अमेरिका सहित कई देशों ने वेनेजुएला को राहत और बचाव कार्यों में सहायता की पेशकश की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हरसंभव मदद के लिए तैयार है। वहीं, USGS ने चेतावनी दी है कि व्यापक क्षति को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, हालांकि अंतिम आंकड़े राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून 2026 को वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई भारी तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट कर वेनेजुएला के लोगों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं और कहा कि इस मुश्किल समय में भारत वहां के लोगों के साथ खड़ा है तथा हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।






