झुंझुनूं जिले के बबाई थाना क्षेत्र में झूठा मुकदमा दर्ज करवाने के मामले में न्यायालय ने परिवादी को दंडित किया है। पुलिस जांच में मामला असत्य पाए जाने के बाद न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने परिवादी को दोषी माना।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई झूठे प्रकरण दर्ज करवाने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
जांच में झूठा पाया गया मुकदमा
थाना बबाई में दर्ज मुकदमा संख्या 01/2026 की जांच के दौरान आरोपों की सत्यता की जांच की गई। अनुसंधान के बाद मामला झूठा पाया गया।
इसके बाद पुलिस ने परिवादी मंगलाराम पुत्र जमनाराम (निवासी कांकरिया, थाना बबाई) के विरुद्ध न्यायालय में इस्तगासा पेश किया।
न्यायालय ने लगाया अर्थदंड
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने परिवादी को दोषी मानते हुए 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
साथ ही अदालत ने भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति नहीं करने की हिदायत भी दी।
झूठी शिकायतों पर सख्त रुख
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि झूठी शिकायतें दर्ज करवाना कानून का दुरुपयोग है। इससे पुलिस के समय और संसाधनों का अनावश्यक उपयोग होता है तथा वास्तविक पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेष अभियान के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय राजस्थान के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य झूठे मुकदमों और कानून के दुरुपयोग पर अंकुश लगाना है।
पुलिस का कहना है कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






