झुंझुनूं। झुंझुनूं जिले के बगड़ थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में पुलिस अनुसंधान के दौरान शिकायत झूठी पाए जाने के बाद न्यायालय ने परिवादिया आशा देवी को दोषसिद्ध मानते हुए 2,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह कार्रवाई झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशन में जिलेभर में कानून के दुरुपयोग को रोकने और वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
पुलिस जांच में झूठा निकला मामला
बगड़ थाना पुलिस के अनुसार, पुलिस मुख्यालय राजस्थान के निर्देश पर झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत अब तक 8 मामलों में न्यायालय में इस्तगासे पेश किए गए हैं।
इन्हीं में प्रकरण संख्या 195/2025 में पुलिस जांच के दौरान शिकायत असत्य पाए जाने पर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय ने सुनाया फैसला
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, झुंझुनूं ने परिवादिया आशा देवी निवासी इण्डाली, थाना बगड़ को दोषसिद्ध मानते हुए 2,000 रुपये का अर्थदंड लगाया।
वहीं पुलिस द्वारा प्रस्तुत अन्य 7 इस्तगासों में न्यायालय ने संबंधित परिवादियों को नोटिस जारी किए हैं। इन मामलों की आगामी सुनवाई निर्धारित तिथियों पर होगी।
पुलिस बोली- कानून का दुरुपयोग नहीं होगा बर्दाश्त
पुलिस ने बताया कि कई बार व्यक्तिगत रंजिश, दबाव बनाने या किसी को परेशान करने के उद्देश्य से झूठी शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं। इससे पुलिस के समय और संसाधनों का अनावश्यक उपयोग होता है तथा वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून का दुरुपयोग करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






