चिड़ावा, मनीष शर्मा चिड़ावा शहर के खेतड़ी रोड स्थित पावर हाउस पर मंगलवार देर रात उस समय हंगामे जैसे हालात बन गए, जब लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित रहने से परेशान छात्र और कोचिंग संचालक विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। छात्रों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द समाधान की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार डालमिया की ढाणी स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान के हॉस्टल में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित थी, जिससे वहां रह रहे दर्जनों छात्र परेशान हो गए।
12 घंटे तक अंधेरे और उमस से जूझते रहे छात्र
कोचिंग संस्थान के संचालक मनीष जांगिड़ के अनुसार समस्या की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को भी कई बार फोन एवं संदेश भेजे गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि शाम के बाद फोन रिसीव नहीं किए गए, जिसके कारण समस्या का समाधान नहीं हो सका।
पोल से टकरा रहा था बिजली का तार
जानकारी के अनुसार कोचिंग संस्थान को सप्लाई देने वाली मुख्य विद्युत लाइन का एक तार सप्लाई लाइन से अलग हो गया था। बताया गया कि यह तार बिजली के पोल से टकरा रहा था।
बारिश के मौसम में पोल में नमी होने के कारण किसी हादसे की आशंका भी बनी हुई थी, जिससे छात्रों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई थी।
आधी रात को पावर हाउस पहुंचकर किया प्रदर्शन
देर रात तक बिजली बहाल नहीं होने पर करीब 50 छात्र और कोचिंग संचालक पैदल ही डालमिया की ढाणी से खेतड़ी रोड स्थित पावर हाउस पहुंच गए।
रात करीब 12 बजे छात्रों ने पावर हाउस के बाहर बिजली विभाग और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के दौरान भी विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया।
15 मिनट में बहाल हुई बिजली
प्रदर्शन शुरू होने के कुछ ही समय बाद एफआरटी टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तकनीकी खराबी को दूर करते हुए अलग हुए तार को दोबारा जोड़ दिया और विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी।
करीब 12 घंटे बाद बिजली आने पर छात्रों ने राहत की सांस ली। वहीं कोचिंग संचालक ने बिजली विभाग और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई





