चिड़ावा। शहर के वार्ड नंबर 21 में स्थित दो जर्जर बिजली पोल स्थानीय लोगों की चिंता का कारण बने हुए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पोलों की हालत लगातार खराब होती जा रही है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से इन पोलों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने की मांग की है।
पोलों में दिख रही हैं दरारें और क्षति
वार्डवासियों के अनुसार दोनों बिजली पोल काफी पुराने हो चुके हैं।
पोलों पर जगह-जगह दरारें और टूट-फूट के निशान दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनकी मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आवासीय क्षेत्र होने से बढ़ी चिंता
यह क्षेत्र घनी आबादी वाला इलाका है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है।
बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का भी लगातार आना-जाना रहता है। ऐसे में पोल गिरने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
पहले भी दी जा चुकी है शिकायत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जर्जर पोलों को बदलने की मांग को लेकर पहले भी विभाग को लिखित आवेदन दिए जा चुके हैं।
इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
“हमने कई बार विभाग को शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।” — स्थानीय निवासी
मानसून में बढ़ सकता है खतरा
क्षेत्रवासियों का कहना है कि मानसून के दौरान तेज हवाएं और बारिश जर्जर पोलों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
यदि समय रहते इन्हें नहीं बदला गया तो जनहानि या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
तकनीकी निरीक्षण की मांग
लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि दोनों पोलों का जल्द तकनीकी निरीक्षण करवाया जाए।
साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन्हें नए पोलों से बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
विभाग से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
वार्डवासियों का कहना है कि विभाग को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करेंगे, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा और बिजली व्यवस्था दोनों बेहतर हो सकें।





