झुंझुनूं। झुंझुनूं कोतवाली थाना पुलिस की ओर से झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो मामलों में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। पुलिस अनुसंधान में दोनों प्रकरण झूठे पाए जाने के बाद पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत इस्तगासे पर कार्रवाई करते हुए संबंधित परिवादियों पर अर्थदंड लगाया गया।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य कानून के दुरुपयोग को रोकना और वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना है।
दो अलग-अलग मामलों में सुनाया गया फैसला
पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाना में दर्ज प्रकरण संख्या 579/2023 के परिवादी कृष्ण कुमार तथा प्रकरण संख्या 314/2024 की परिवादिया ममता के विरुद्ध पुलिस अनुसंधान में शिकायतें झूठी पाए जाने पर न्यायालय में इस्तगासा पेश किया गया।
न्यायालय ने कृष्ण कुमार पर 500 रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं दूसरे मामले में ममता को दोषसिद्ध घोषित करते हुए भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं करने की हिदायत के साथ 3,000 रुपये का अर्थदंड लगाया।
पुलिस ने झूठे मुकदमों पर जताई चिंता
पुलिस ने बताया कि कई मामलों में व्यक्तिगत रंजिश, दबाव बनाने या किसी को परेशान करने के उद्देश्य से झूठी शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं। इससे पुलिस के समय और संसाधनों का अनावश्यक उपयोग होता है तथा वास्तविक मामलों की जांच और पीड़ितों को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।
अभियान रहेगा जारी
पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशानुसार झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस का कहना है कि कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना और वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना प्राथमिकता है।






