झुंझुनूं। चिड़ावा तहसील के नरहड़ हल्का पटवारी राहुल सिंह को राजकीय भूमि के नामांतरण प्रकरण में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिला कलेक्टर ने मामले की जांच के बाद राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम-16 के तहत विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करते हुए निलंबन के आदेश जारी किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्रशासन के अनुसार, ग्राम नरहड़ स्थित कस्टोडियन विभाग के नाम दर्ज खसरा संख्या 276 (रकबा 8.29 हेक्टेयर) और खसरा संख्या 1512 (रकबा 1.16 हेक्टेयर) से जुड़े नामांतरण प्रकरण में न्यायालय सहायक कलेक्टर, चिड़ावा के 14 अगस्त 2024 के आदेश की पालना के दौरान गंभीर प्रक्रिया संबंधी अनियमितता सामने आई।
बताया गया कि इस प्रकार के राजकीय भूमि नामांतरण मामलों को राजकीय भूमि नामांतरण परामर्श समिति (GLMAC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होता है।
ऑनलाइन प्रक्रिया में गलत विकल्प चुनने का आरोप
जिला प्रशासन के अनुसार, GLMAC ने 4 नवंबर 2025 की बैठक में संबंधित आवेदन को निरस्त करते हुए आगे की कार्रवाई के लिए तहसीलदार चिड़ावा को भेजने का निर्णय लिया था।
इसके बाद 13 मार्च 2026 को संबंधित भूमि के नामांतरण का नया प्रकरण दर्ज करते समय पटवारी ने कथित रूप से उसे GLMAC के समक्ष प्रस्तुत करने के बजाय ऑनलाइन पोर्टल पर गलत विकल्प का चयन करते हुए सीधे नायब तहसीलदार की आईडी पर अग्रेषित कर दिया। प्रशासन का आरोप है कि इससे समिति की निर्धारित प्रक्रिया की अवहेलना हुई और राजकीय भूमि का नामांतरण नियमों के विपरीत निजी व्यक्तियों के पक्ष में आगे बढ़ा।
जिला कलेक्टर ने की निलंबन की कार्रवाई
जिला कलेक्टर ने मामले की जांच के बाद इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही, सरकारी निर्देशों की अवहेलना और राज्य हित के प्रतिकूल कार्य मानते हुए पटवारी राहुल सिंह को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि GLMAC जिला स्तर की एक परामर्श समिति है, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करते हैं। समिति में अतिरिक्त जिला कलेक्टर, उपविधि परामर्शी तथा प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख सदस्य के रूप में शामिल रहते हैं।





