झुंझुनूं में काटली नदी के संरक्षण को लेकर सामाजिक संगठनों ने आवाज बुलंद की है। आदर्श समाज समिति इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय आर्य को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपकर नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ग्राम पंचायत काजड़ा की प्रशासक मंजू तंवर ने किया। ज्ञापन में काटली नदी के प्राकृतिक स्वरूप और बहाव क्षेत्र को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण का आरोप
ज्ञापन के अनुसार सीकर जिले की पहाड़ियों से निकलने वाली काटली नदी झुंझुनूं जिले के कई गांवों से होकर गुजरती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नदी के बहाव क्षेत्र में लंबे समय से अवैध अतिक्रमण और खनन गतिविधियां जारी हैं।
उनका आरोप है कि इससे नदी का प्राकृतिक मार्ग प्रभावित हो रहा है और बरसाती पानी के प्रवाह में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
भूजल स्तर पर पड़ रहा असर
सामाजिक कार्यकर्ता मनजीत सिंह तंवर ने कहा कि नदी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट आने से क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार प्रभावित हो रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और अधिक गंभीर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि नदी क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण भी पर्यावरणीय संतुलन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं।
संरक्षण अभियान चलाने की मांग
आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गांधी ने मांग की कि काटली नदी के बहाव क्षेत्र से तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए और अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
उन्होंने नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और जल स्रोतों को बचाने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी मांग की।
पहले भी उठ चुका है मुद्दा
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों द्वारा पूर्व में भी कई बार इस मुद्दे को प्रशासन के सामने उठाया गया है। हालांकि, उनका कहना है कि अब तक अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो सकी है।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो शेखावाटी क्षेत्र में जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।






