Rajasthan News: राजस्थान के हजारों शिक्षकों की परेशानियां बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के TET पास वाले फैसले के बाद राजस्थान की 60000 शिक्षकों की नौकरी खतरे में आ गई है। थर्ड ग्रेड शिक्षक जिनकी नौकरी साल 2010 के पहले हुई है उन्होंने टेट परीक्षा पास नहीं किया है ऐसे में उनकी परेशानियां बढ़ने लगी है।
कोर्ट के आदेश के अनुसार अब उन्हें दो वर्ष की समय-सीमा में टेट उत्तीर्ण करना होगा। 2 साल के अंदर अगर टेट परीक्षा पास नहीं करते हैं तो शिक्षकों के नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है ऐसे में शिक्षकों की परेशानियां भी काफी ज्यादा बढ़ गई है।
ये कहता है आदेश
सितंबर के महीने में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सभी नए शिक्षकों को टीईटी पास करना जरूरी है। अभी के समय जो भी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं उन्हें 2 साल के अंदर टेट परीक्षा पास करना होगा।
15 साल पहले लागू हुई टेट
देशभर में टेट 2009 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद 23 अगस्त 2010 को देशभर में अनिवार्य की गई। 2011 में पहली बार सीटेट परीक्षा का आयोजन किया गया ऐसे में पुराने शिक्षक ने इस परीक्षा को पास ही नहीं किया है।
एक चौथाई शिक्षकों पर संकट
प्रदेश की सरकारी स्कूलों में एल-1 व एल-2 के अभी करीब 2.30 लाख शिक्षक नियुक्त है। इनमें से करीब 1.70 हजार शिक्षक तो 2011 के बाद रीट के आधार पर भर्ती हुए हैं,। 60000 शिक्षकों ने इस परीक्षा को पास नहीं किया है ऐसे में उनकी परेशानियां बढ़ सकती है।