जयपुर। राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के कथित फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में था और जासूसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों तक धनराशि पहुंचाने का काम करता था।
पहले जासूसी मामले की जांच से खुला फंडिंग नेटवर्क
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार के अनुसार, जनवरी 2026 में शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत दर्ज एक मामले में जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर कार्यरत सुमित कुमार को भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं कथित रूप से आईएसआई तक पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इसी मामले की गहन जांच के दौरान पता चला कि दोनों आरोपियों को जासूसी के बदले मिलने वाली धनराशि महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख के माध्यम से भेजी जा रही थी।
कई बैंक खातों के जरिए पहुंचाई जाती थी रकम
सीआईडी (इंटेलिजेंस) की पूछताछ में सामने आया कि रफीक चांद शेख सोशल मीडिया के माध्यम से आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में आया था। आरोप है कि उसने अपने नाम और अन्य लोगों के नाम से विभिन्न बैंक खाते खुलवाकर जासूसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों तक धनराशि पहुंचाई।
जांच एजेंसी के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रफीक चांद शेख की भूमिका आईएसआई के कथित फंडिंग एजेंट के रूप में सामने आने के बाद 30 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच
सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी अब इस वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, बैंक लेन-देन और संभावित संपर्कों की भी गहन जांच कर रही है।
राजस्थान पुलिस का कहना है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ कार्य करने वाले तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।





