खाटूश्यामजी में भिक्षावृति के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई
सीकर, जिले में भिक्षावृति उन्मूलन के लिए चल रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार को खाटूश्यामजी में महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई।
मानव तस्करी विरोधी इकाई (ATU) और चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल अधिकारिता विभाग की संयुक्त टीम ने चार नाबालिग बच्चों को भिक्षावृति से मुक्त करवाया।
बच्चों को सुरक्षित आश्रय गृहों में भेजा गया
रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य बिहारीलाल बालान के समक्ष पेश किया गया।
- तीन बच्चियों को सखी वन-स्टॉप सेंटर में अस्थाई रूप से प्रवेश दिया गया।
- एक बालक को कस्तूरबा सेवा संस्थान में भेजा गया।
टीम के अनुसार, बच्चों की उम्र 9 से 15 वर्ष के बीच है, जिनमें से दो बच्चे मध्य प्रदेश के बताए जा रहे हैं।
भिक्षावृति रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भिक्षावृति उन्मूलन और बाल सुरक्षा के लिए जिले में चल रही निरंतर मुहिम का हिस्सा है।
टीम ने मौके से बच्चों को सुरक्षित निकालकर उनकी काउंसलिंग, चिकित्सा और संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ऑपरेशन में शामिल टीम
रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल अधिकारी:
- मानव तस्करी विरोधी यूनिट: मनोज, प्रेम प्रकाश, सुनीता
- चाइल्ड हेल्पलाइन: कृष्णकांत माथुर, सुनीता शर्मा
टीम ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि बच्चों को शोषण और भिक्षावृति से मुक्त कराया जा सके।