होटल हाइवे किंग, दादिया से 14.5 वर्षीय बालक को कराया मुक्त
जिला प्रशासन और टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई
सीकर,एसपी प्रवीण नायक नुनावत के निर्देश पर जिला प्रशासन और जिला टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दादिया थाना पुलिस द्वारा होटल हाइवे किंग, दादिया से 14.5 वर्षीय नाबालिक बालक को बाल श्रम से मुक्त करवाया।
यह रेस्क्यू कार्रवाई बाल कल्याण समिति, गायत्री सेवा संस्थान और जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस की संयुक्त पहल से की गई।
10 से 12 घंटे तक कराया जा रहा था श्रम
अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू किए गए बच्चे से प्रतिदिन 10–12 घंटे तक मजदूरी करवाई जा रही थी, जो बाल श्रम निषेध प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
अधिकारियों की सक्रिय भूमिका
कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे—
- दादिया थाना से बाल कल्याण अधिकारी रोहिताश कुमार
- गायत्री सेवा संस्थान से अभिषेक बगडियां
- जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस से जितेंद्र नाथवतपुरा
सभी ने टीम के साथ मिलकर बालक को सुरक्षित रेस्क्यू कराया।
बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर सुरक्षित आश्रय दिया गया
रेस्क्यू के बाद बालक को बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अंकुर बहड़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
यहां से बालक को कस्तूरबा सेवा संस्थान, भादवासी में अस्थायी आश्रय दिया गया, जहां—
- सुरक्षा
- भोजन
- नियमित काउंसलिंग
की व्यवस्था की गई है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कार्रवाई में शामिल अधिकारियों ने बताया कि दोषियों पर—
- बाल श्रम निषेध अधिनियम
- जेजे एक्ट
- और अन्य संबंधित धाराओं
के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी प्रवीण नायक नुनावत का बयान
एसपी ने कहा—
“जिला टास्क फोर्स का उद्देश्य केवल बच्चों को रेस्क्यू करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित भविष्य देना है। बाल श्रम के हर मामले पर कठोर कार्रवाई हमारी प्राथमिकता है।”