वन विभाग ने पदचिन्हों की पुष्टि की, चूरू की ओर बढ़ने की आशंका
फतेहपुर रामगढ़ क्षेत्र में पैंथर (तेंदुआ) की गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
एक दिन पूर्व क्षेत्र के रुकनसर, नारसरा, ताखलसर, सहनुसर और ऊंटवालिया गांवों में पैंथर के स्पष्ट पदचिन्ह (फुटप्रिंट्स) देखे गए हैं।
काली भर क्षेत्र में भी मिले पैंथर के निशान
रविवार को गोड़िया छोटा और देवास की रोही के बीच काली भर के आसपास भी संदिग्ध पदचिन्ह पाए गए।
ग्रामीणों द्वारा जब इन पदचिन्हों की जानकारी वन विभाग के रेंजर को दी गई, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि
ये पदचिन्ह पैंथर के ही हैं।
खेती क्षेत्रों और गांवों की सीमाओं पर गतिविधि
स्थानीय लोगों के अनुसार पैंथर की गतिविधि मुख्य रूप से:
- खेती-बाड़ी के इलाकों
- कच्चे रास्तों
- गांवों की सीमाओं
के आसपास देखी गई है।
ग्रामीणों का अनुमान है कि पैंथर इन गांवों से होते हुए चूरू जिले की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ग्रामीणों में चिंता, सतर्कता जरूरी
पैंथर की मौजूदगी से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों में भय का माहौल है।
वन विभाग व प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सावधानी बरतने की अपील की है।
सावधानी एवं सुरक्षा के निर्देश
ग्रामीणों से अपील की गई है कि:
- रात्रि के समय अनावश्यक बाहर न निकलें
- खेतों में अकेले न जाएं, समूह में जाएं
- बच्चों और पशुओं पर विशेष निगरानी रखें
- झाड़ियों, अंधेरे स्थानों और सुनसान रास्तों से दूर रहें
- किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं
सूचना देने की अपील
यदि किसी व्यक्ति को पैंथर दिखाई दे या ताजा पदचिन्ह नजर आएं, तो तुरंत:
- स्थानीय प्रशासन
- वन विभाग
- ग्राम पंचायत
को सूचना दें।
समय पर सूचना मिलने से संभावित जन-हानि को रोका जा सकता है।