जयपुर/सीकर, राज्य में रबी सीजन 2025 के लिए किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषि विभाग ने प्रदेशभर में सप्लाई की मॉनिटरिंग तेज कर दी है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार उर्वरक समय पर उपलब्ध कराया जाए।
राज्य में उपलब्ध है बड़ा स्टॉक
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में—
- 1.84 लाख MT यूरिया
- 65 हजार MT DAP
- 64 हजार MT NPK
- 1.53 लाख MT SSP
उपलब्ध है।
इसके अलावा 35 हजार MT यूरिया परिवहन में है, जो दो दिनों में जिलों तक पहुँच जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार फॉस्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक 69 हजार MT अधिक है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
केंद्र से लगातार समन्वय
डॉ. मीणा ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र के साथ निरंतर संपर्क में है।
“हमारी प्राथमिकता किसानों को बिना बाधा उर्वरक उपलब्ध कराना है। जिलों की मांग के अनुसार सप्लाई प्लान तैयार कर पारदर्शिता के साथ वितरण कराया जा रहा है,” उन्होंने कहा।
किन जिलों में कितनी सप्लाई बढ़ी?
अक्टूबर-नवंबर की मांग के मुकाबले कई जिलों में मांग से अधिक उर्वरक उपलब्ध करवाया गया है, जैसे—
- बारां: मांग 47,700 MT → उपलब्धता 55,000 MT
- झालावाड़: 44,300 MT → 49,500 MT
- बूंदी: 37,500 MT → 39,200 MT
- सवाई माधोपुर: 28,100 MT → 37,000 MT
- अलवर: 42,300 MT → 47,200 MT
- भीलवाड़ा: 19,600 MT → 23,500 MT
इसके अलावा प्रतापगढ़ जिले में धरियावद क्षेत्र हेतु 2,000 MT यूरिया का विशेष आवंटन शीघ्र कराया जा रहा है।
कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम
प्रमुख शासन सचिव (कृषि) श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि उर्वरक वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है।
उनके अनुसार:
“किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विक्रेताओं की नियमित जांच की जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई लागू है।”
राज्य में 61 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं ताकि सीमावर्ती इलाकों से उर्वरक का अवैध परिगमन रोका जा सके।
किसानों की भीड़ पर विशेष व्यवस्था
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अधिक भीड़ वाले विक्रेताओं पर किसानों को पंक्तिबद्ध कर वितरण कराया जाए। इस कार्य में विभागीय कार्मिकों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।