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Sikar News: खाद्य सुरक्षा योजना गिव अप अभियान: 2.14 लाख ने छोड़ा लाभ

Sikar food security scheme give up campaign officials inspection

गिव अप अभियान में अपात्रों पर सख्ती, योग्य जरूरतमंदों को मिलेगा लाभ

सीकर, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे गिव अप अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।

2.14 लाख लोगों ने छोड़ा स्वेच्छा से लाभ

जिला रसद अधिकारी विजेंद्र पाल ने बताया कि
1 नवम्बर 2024 से शुरू हुए गिव अप अभियान के तहत

  • सीकर जिले में 2,14,966 व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ा
  • पूरे राजस्थान में अब तक 48 लाख 87 हजार लोग योजना से बाहर हुए हैं

यह कदम वास्तविक जरूरतमंदों को योजना से जोड़ने में मददगार साबित हो रहा है।

ये परिवार माने जाएंगे अपात्र

खाद्य सुरक्षा योजना के मापदंडों के अनुसार निम्न श्रेणी के परिवार निष्कासन सूची में शामिल हैं:

  • जिन परिवारों में आयकर दाता सदस्य हो
  • सरकारी, अर्द्धसरकारी या स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारी
  • वार्षिक पारिवारिक आय 1 लाख रुपये से अधिक
  • परिवार में चार पहिया वाहन (जीविकोपार्जन में प्रयुक्त ट्रैक्टर को छोड़कर)

1066 अपात्रों को नोटिस, होगी वसूली

गिव अप अभियान के दौरान सीकर जिले में 1066 अपात्र व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
इनसे अनुचित रूप से लिए गए राशन की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

उचित मूल्य दुकानों पर सख्त निगरानी

अब गिव अप अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए:

  • प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर खाद्य विभाग के प्रवर्तन अधिकारी व निरीक्षक औचक निरीक्षण करेंगे
  • अपात्र लोगों की सूची दुकानदारों के सहयोग से तैयार की जाएगी
  • रोजाना निरीक्षण, नोटिस और वसूली की कार्रवाई की जाएगी

परिवहन विभाग से डाटा लेकर होगी कार्रवाई

खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया वाहन स्वामियों का डाटा संकलित करेगा।
इसके आधार पर खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित अपात्र लोगों को नोटिस जारी कर कठोर वसूली कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सरकार का लक्ष्य है कि

अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और अपात्र लोग स्वयं आगे आकर योजना छोड़ें।”