पशुपालकों को समय पर बीमा सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम
सीकर, पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिलेभर में अब पशु पंजीकरण, टैगिंग और बीमा प्रक्रिया एक साथ प्रारंभ कर दी गई है।
जिले के सभी ब्लॉकों में एकसाथ अभियान
पशुपालन विभाग द्वारा जिले के समस्त ब्लॉकों में:
- गाय
- भैंस
- भेड़
- बकरी
- ऊँट
जैसे पशुधनों का पंजीकरण, टैगिंग और बीमा कवरेज समानांतर रूप से किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी एवं कार्मिक गांव-गांव जाकर पशुपालकों को योजना की जानकारी दे रहे हैं और पात्र पशुधन को योजना से जोड़ रहे हैं।
बीमा सुरक्षा मिलेगी समय पर
इस संबंध में संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. राजेन्द्र कुमार काला ने बताया कि
“पंजीकरण और बीमा कार्य एक साथ किए जाने से पशुपालकों को शीघ्र बीमा सुरक्षा मिलेगी। इससे भविष्य में बीमा दावा निस्तारण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।”
उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी ब्लॉकों में नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का उद्देश्य
- पशुधन की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में
- पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करना
- जोखिम को कम करना
- पशुपालन को आजीविका के रूप में सुदृढ़ बनाना
विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत पशुपालकों को इस योजना से बड़ा लाभ मिल रहा है।
सीकर जिले को मिला 70,650 पशुओं का लक्ष्य
राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत सीकर जिले को कुल 70,650 पशुओं के बीमा का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसमें
- गाय: 18,300
- भैंस: 18,400
- भेड़: 10,000
- बकरी: 22,000
- ऊँट: 1,950
पशुओं का बीमा किया जाएगा।
मोबाइल ऐप और वेबसाइट से होगा पंजीकरण
योजना के अंतर्गत पशुपालक:
- मोबाइल एप
- आधिकारिक वेबसाइट
के माध्यम से पशु पंजीकरण एवं बीमा करवा सकते हैं। विभागीय टीमें आवश्यकता अनुसार मौके पर भी सहायता प्रदान कर रही हैं।
पशुपालकों से विभाग की अपील
पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पात्र पशुपालकों से अपील की है कि
- अपने पशुधन का समय पर पंजीकरण व बीमा कराएं
- किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में
तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन कार्यालय को सूचना दें
ताकि बीमा दावा शीघ्र निस्तारित किया जा सके।