मोरडूंगा पंचायत में जांच के बाद वसूली, जुर्माना और ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई
सीकर, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के कार्यों में अनियमितता सामने आने पर लोकपाल (मनरेगा), जिला परिषद सीकर ने सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत मोरडूंगा, पंचायत समिति धोद में की गई विस्तृत जांच के बाद की गई।
जांच में क्या-क्या अनियमितताएं मिलीं?
लोकपाल हरिराम ने बताया कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों एवं दस्तावेजों के अवलोकन से यह तथ्य सामने आए
- साप्ताहिक अवकाश (गुरुवार) के दिन श्रमिकों की उपस्थिति NMMS APP पर दर्ज की गई
- राज्य सरकार व विभागीय दिशा-निर्देशों की समय पर पालना नहीं की गई
- मस्टर रोल में काट-छांट कर अतिरिक्त भुगतान किया गया
- ₹250 की राशि का मूल्यांकन से अधिक भुगतान किया गया
कर्मचारियों की लापरवाही प्रमाणित
जांच में यह भी सामने आया कि
- ग्राम विकास अधिकारी एवं कनिष्ठ सहायक द्वारा नियमों की अनदेखी की गई
- कनिष्ठ तकनीकी सहायक ने कार्य का माप दर्ज करने के बाद नाम व पदनाम की सील के साथ हस्ताक्षर नहीं किए, जिसे पर्यवेक्षणीय लापरवाही माना गया
इन पर हुई कार्रवाई
लोकपाल के आदेशानुसार
- सुनील तेतरवाल, ग्राम विकास अधिकारी – ₹1000 की शास्ति
- धर्मेंद्र सैनी, कनिष्ठ सहायक – ₹1000 की शास्ति
- दामोदर चेजारा, कनिष्ठ तकनीकी सहायक – ₹1000 की शास्ति
इसके अलावा ₹250 की अतिरिक्त भुगतान राशि की वसूली की जाएगी
- ₹125 – ग्राम विकास अधिकारी से
- ₹125 – कनिष्ठ सहायक से
NMMS ID ब्लॉक व ब्लैकलिस्ट
लोकपाल ने निर्देश दिए कि उपस्थिति दर्ज करने वाले श्रमिक अर्जुन राम की NMMS ID को तत्काल ब्लॉक एवं ब्लैकलिस्ट किया जाए।
30 दिन में राशि जमा कराने के निर्देश
दोषी कर्मचारियों से
- अतिरिक्त भुगतान
- और शास्ति की राशि
30 दिवस के भीतर राजकोष में जमा कराई जाएगी। इसके बाद अनुपालन रिपोर्ट लोकपाल कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
मनरेगा में पारदर्शिता का संदेश
इस कार्रवाई को मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लोकपाल ने स्पष्ट किया कि अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।