सीकर। जिले में विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के सर्वांगीण विकास और उन्हें सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने आदेश जारी करते हुए बताया कि
12 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक
पूरे सीकर जिले में विशेष सहायता शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
इन शिविरों में क्या सुविधाएं मिलेंगी?
जिला कलेक्टर ने बताया कि शिविरों में घुमन्तु समुदाय के लोगों के आवश्यक दस्तावेज मौके पर ही तैयार किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- वोटर आईडी कार्ड
- आधार कार्ड
- जनआधार कार्ड
- जाति प्रमाण-पत्र
- मूल निवास प्रमाण-पत्र
- राशन कार्ड
इसके साथ ही पात्र व्यक्तियों को राज्य व केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाएगा।
घुमन्तु जाति पहचान पत्र भी होंगे जारी
कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बताया कि
राज्य सरकार द्वारा घुमन्तु जाति पहचान पत्र जारी करने के जो आदेश पहले से लागू हैं,
उनकी क्रियान्विति भी इन्हीं शिविरों के माध्यम से की जाएगी।
इससे घुमन्तु समुदाय को सरकारी योजनाओं में पहचान और प्राथमिकता मिल सकेगी।
पंचायत और वार्ड स्तर पर होंगे शिविर
आदेशानुसार:
- प्रत्येक पंचायत समिति
- नगर परिषद व नगरपालिकाओं में
- 5 से 8 ग्राम पंचायतों या शहरी वार्डों का क्लस्टर बनाकर शिविर लगाए जाएंगे।
इससे अधिक से अधिक लोगों तक सेवाएं पहुंचाई जा सकेंगी।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
शिविरों के सफल संचालन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है:
- उपखण्ड अधिकारी → शिविर प्रभारी अधिकारी
- ग्रामीण क्षेत्र: खण्ड विकास अधिकारी → सहायक प्रभारी
- शहरी क्षेत्र: आयुक्त/अधिशासी अधिकारी → सहायक प्रभारी
- ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग → समन्वयक अधिकारी
तिथिवार कार्ययोजना बनाने के निर्देश
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि:
“सभी शिविर प्रभारी अधिकारी अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायतों व वार्डों के क्लस्टर बनाकर
तिथिवार शिविर आयोजन की रूपरेखा तैयार करें और
इसे जिला कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करें।”
इससे शिविरों का सुव्यवस्थित और प्रभावी आयोजन किया जा सकेगा।