सीकर, सामूहिक जिम्मेदारी और नागरिक चेतना का एक अद्भुत उदाहरण सामने आया है सीकर के वार्ड संख्या 51, राधा किशनपुरा से। यहां लोगों ने न केवल सड़क चौड़ीकरण अभियान का समर्थन किया, बल्कि खुद अपने अतिक्रमण तोड़ दिए – वो भी प्रशासन के कहे बिना।
खुद तोड़ा अपना निर्माण
नगर परिषद की ओर से सड़क चौड़ीकरण की योजना की जैसे ही शुरुआत हुई, राधा किशनपुरा के सेवानिवृत्त फौजी किशनलाल शर्मा, मनोज एल. सैनी, मांगीलाल, रामचंद्र, मालाराम सहित दर्जनों जागरूक नागरिकों ने आगे बढ़कर अपने दुकान व मकानों का अतिक्रमित हिस्सा स्वेच्छा से हटा दिया।
“बच्चों को स्कूल छोड़ने में जाम लगता था। अब सड़क चौड़ी होगी तो सबसे बड़ी राहत हमें ही मिलेगी।” – एक स्थानीय निवासी
“जब देखा पड़ोसी भी साथ हैं, तो हमें भी डर नहीं लगा।” – एक व्यापारी
“अब सरकार को कोसने का नहीं, खुद आगे बढ़ने का समय है।” – एक युवा
प्रशासन की भूमिका: संवाद से समाधान
नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा ने इस पहल को ‘संवाद से समाधान’ का उदाहरण बताया और कहा:
“जब लोग साथ आते हैं, तो विकास की राह खुद-ब-खुद आसान हो जाती है।”
सहायक अभियंता विकास मिश्रा और जूनियर इंजीनियर निधि चौधरी ने वार्डवासियों से संवाद कर लगातार समझाइश की, जिससे 70% से अधिक लोग बिना विरोध के खुद से निर्माण हटाने को राज़ी हो गए।
बरसात की समस्या भी होगी खत्म
इस अभियान का असर सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रहेगा। आयुक्त ने बताया कि जलभराव जैसी वर्षों पुरानी समस्या भी अब अतीत का हिस्सा बन जाएगी।