गिव अप अभियान में अपात्रों पर सख्ती, अंतिम पंक्ति के जरूरतमंदों को मिलेगा लाभ
सीकर, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे गिव अप अभियान के तहत सीकर जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ा है।
जिला रसद अधिकारी विजेंद्र पाल ने बताया कि
सीकर जिले में अब तक 2,14,516 व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से नाम हटवाया है।
राजस्थान में 48 लाख से अधिक लोगों ने छोड़ा लाभ
जिला रसद अधिकारी के अनुसार
1 नवंबर 2024 से शुरू हुए गिव अप अभियान के तहत पूरे राजस्थान में 48 लाख 87 हजार से अधिक लोग खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ चुके हैं।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक जरूरतमंद और वंचित वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
1046 अपात्र लोगों को नोटिस, होगी वसूली
गिव अप अभियान के दौरान सीकर जिले में 1046 अपात्र व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
इनसे अनुचित रूप से लिए गए राशन की वसूली की कार्यवाही की जाएगी।
खाद्य विभाग द्वारा अब:
- प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर
- प्रवर्तन अधिकारी व निरीक्षक
- नियमित और औचक निरीक्षण करेंगे
कौन लोग हैं खाद्य सुरक्षा से अपात्र?
खाद्य सुरक्षा योजना से निष्कासन सूची में शामिल हैं वे परिवार जिनमें:
- कोई सदस्य आयकर दाता हो
- सरकारी / अर्द्धसरकारी / स्वायत्तशासी संस्था में कर्मचारी हो
- वार्षिक पारिवारिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो
- परिवार में चार पहिया वाहन हो
(ट्रैक्टर जैसे जीविकोपार्जन वाहन को छोड़कर)
परिवहन विभाग से डाटा लेकर होगी कार्रवाई
खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया वाहन स्वामियों का डाटा प्राप्त करेगा।
इसके आधार पर खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी कर
वसूली की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ
राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि
सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों को ही मिले,
ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी सम्मानजनक जीवन मिल सके।