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सामाजिक सरोकार की मिसाल: रोबोटिक घुटना रिप्लेसमेंट सेंटर टीबड़ा हॉस्पिटल

Tibda Hospital doctors distribute kites on Makar Sankranti in Sikar

सीकर। बसंत विहार स्थित रोबोटिक घुटना रिप्लेसमेंट सेंटर टीबड़ा हॉस्पिटल की ओर से मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर कल्याण सर्किल पर एक अनूठा सामाजिक जागरूकता एवं पतंग वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्व को सामाजिक संदेश के साथ मनाया।

पतंग वितरण के साथ स्वास्थ्य जागरूकता

पतंग वितरण के माध्यम से

  • उत्तरायण के समय धूप के स्वास्थ्य लाभ
  • रोबोटिक घुटना व कूल्हा रिप्लेसमेंट
  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाने

जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आमजन को जागरूक किया गया।

मकर संक्रांति का वैज्ञानिक महत्व

टीबड़ा हॉस्पिटल के संस्थापक एवं वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रमाकांत टीबड़ा ने बताया कि

“मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है। इस समय सूर्य की किरणें शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होती हैं।”

उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

धूप से मिलते हैं कई स्वास्थ्य लाभ

डॉ. रमाकांत टीबड़ा ने बताया कि

  • धूप से शरीर में विटामिन-डी का निर्माण होता है
  • हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
  • सर्दियों में संक्रमण से बचाव होता है
  • रक्त संचार बेहतर होता है

शुगर और हृदय रोगियों के लिए लाभकारी

इस अवसर पर फिजिशियन डॉ. विपिन महला व डॉ. अशोक कुमार मीणा ने बताया कि

  • विटामिन-डी ब्लड शुगर नियंत्रित करने में सहायक है
  • बेहतर रक्त संचार से हृदय पर दबाव कम पड़ता है
  • सूर्य की किरणें उच्च रक्तचाप नियंत्रण में मददगार हैं

चाइनीज मांझे के बहिष्कार का संदेश

कार्यक्रम के दौरान बच्चों और युवाओं को

  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाने
  • सामाजिक जिम्मेदारी निभाने
  • चाइनीज मांझे का बहिष्कार करने

का संदेश दिया गया, ताकि पतंगबाजी सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल रहे।

चिकित्सक व स्टाफ रहे उपस्थित

कार्यक्रम में टीबड़ा हॉस्पिटल के
डॉ. रमाकांत टीबड़ा, डॉ. विपिन महला, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. क्रुणाल राणा, डॉ. बालकृष्ण काबरा सहित
शिव कुमार, शुभम, सज्जन कुमार, सरिता, अंजलि, अजय व अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य के साथ सामाजिक जिम्मेदारी

टीबड़ा हॉस्पिटल की यह पहल स्वास्थ्य सेवा को समाज से जोड़ने का प्रेरणादायक उदाहरण बनी, जिसमें पर्व, परंपरा और जन-जागरूकता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।