एक सतर्क यात्री की नजर ने बचाई 5 साल के बच्चे की जिंदगी, ट्रेन से आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली कैंट से अगवा किए गए 5 वर्षीय बच्चे को झुंझुनूं में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इस कार्रवाई में एक आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है। बच्चे के सुरक्षित मिलने से उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है।
मामले में सबसे अहम भूमिका एक सतर्क यात्री की रही, जिसने ट्रेन में बच्चे के रोने और आरोपी के संदिग्ध व्यवहार को देखकर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना दी।
यात्री की सतर्कता से खुला मामला
जानकारी के अनुसार आरोपी उमाशंकर शर्मा, निवासी कोसीकलां (मथुरा), बच्चे को दिल्ली कैंट से अपने साथ ट्रेन में लेकर जयपुर की ओर जा रहा था।
ट्रेन में सफर कर रहे यात्री आकाश को बच्चे के लगातार रोने और आरोपी की गतिविधियों पर शक हुआ। इसके बाद उसने रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दी।
अलर्ट होते ही सक्रिय हुई रेलवे सुरक्षा एजेंसियां
सूचना मिलते ही जयपुर कंट्रोल रूम ने संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया। जानकारी के अनुसार बच्चा और आरोपी ट्रेन के एस-1 कोच में सवार थे।
इसके बाद सीकर और झुंझुनूं की आरपीएफ टीमों को सूचना दी गई। झुंझुनूं आरपीएफ चौकी प्रभारी राजीव जानू और उनकी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रेन को चेक किया और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
आरोपी को हिरासत में लिया गया
आरपीएफ ने आरोपी उमाशंकर शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बच्चे को दिल्ली कैंट से अपने साथ लेकर आया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी दिव्यांग है और ट्रेनों में भीख मांगकर जीवनयापन करने की बात सामने आई है।
मानव तस्करी के एंगल से भी जांच
रेलवे अधिकारियों के अनुसार मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। चूंकि मामला मानव तस्करी या अन्य गंभीर अपराधों से जुड़ा हो सकता है, इसलिए इसकी जांच राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सौंप दी गई है।
पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।
दिल्ली में परिजनों को दी गई सूचना
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार दिल्ली पुलिस को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। सूचना मिलने के बाद बच्चे की मां का पता लगाया गया और उन्हें मामले से अवगत कराया गया।
बताया गया कि परिजन बच्चे को लेने के लिए दिल्ली से रवाना हो चुके हैं।






