चिकित्सक मानसिक प्रताड़ना पर ज्ञापन, निजी सेवाएं बंद
रतनगढ़ (चूरू)। मानसिक रूप से प्रताड़ित होने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को चिकित्सक लामबद्ध हो गए। पीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में उन्होंने एसडीएम मिथिलेश कुमार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में डॉक्टरों की प्रमुख मांगें
- कुछ लोग डॉक्टरों को मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं।
- डॉक्टरों के घर पर महिला मरीजों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जो महिला की निजता हनन के अंतर्गत आता है।
- मानसिक प्रताड़ना के कारण चिकित्सक अपने कार्यों में पूर्ण निष्ठा से योगदान नहीं दे पा रहे।
- ओपीडी, आपातकालीन और अन्य कार्यों में डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है।
महिला वार्ड में सुरक्षा मुद्दा
- महिला वार्ड में रोगी का चेकअप करते समय परिजन को बाहर निकाला गया।
- इस कार्रवाई को लेकर डॉक्टरों को लगातार परेशान किया जा रहा है।
- विरोध करने पर जाति सूचक केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
निजी सेवाओं पर असर
- चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि जब तक प्रताड़ना बंद नहीं होती, 29 नवंबर से निजी सेवाएं बंद रहेंगी।
- ज्ञापन की प्रतिलिपि संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं बीकानेर, जिला कलेक्टर और सीएमएचओ को भी भेजी गई।
चिकित्सक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
- चिकित्सकों ने कहा कि अस्पताल में सभी डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- मानसिक प्रताड़ना करने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
रिपोर्टर: सुभाष प्रजापत, रतनगढ़ – शेखावाटी लाइव