विधायक विक्रम सिंह जाखल का नाम संबोधन सूची में नहीं आने पर समर्थकों ने जताया विरोध
राजस्थान-हरियाणा यमुना जल परियोजना समझौते के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए आयोजित भाजपा के कार्यक्रम में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब मंच संचालन के दौरान नवलगढ़ विधायक विक्रम सिंह जाखल का नाम संबोधन के लिए नहीं लिया गया। इसके बाद उनके समर्थकों ने कार्यक्रम स्थल पर नाराजगी जताई। कुछ देर तक चले विरोध के कारण कार्यक्रम का माहौल असहज हो गया।
बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और कार्यक्रम आगे बढ़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंच से विभिन्न नेताओं को क्रमवार संबोधन के लिए आमंत्रित किया जा रहा था, लेकिन नवलगढ़ विधायक विक्रम सिंह जाखल का नाम नहीं पुकारा गया। इस पर उनके समर्थकों ने आपत्ति जताते हुए नाराजगी व्यक्त की। समर्थकों का कहना था कि क्षेत्र के निर्वाचित विधायक का नाम मंचीय कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए था। विरोध के दौरान कुछ समर्थक कार्यक्रम स्थल से बाहर भी निकल गए।
समर्थकों की नाराजगी के बीच विधायक विक्रम सिंह जाखल ने भी तत्काल मंच पर जाने से इनकार कर दिया और कुछ समय तक अपने समर्थकों के बीच ही रहे। इससे कार्यक्रम में कुछ समय के लिए असहज स्थिति बनी रही। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विधायक और उनके समर्थकों से बातचीत की, जिसके बाद मामला शांत हुआ और कार्यक्रम सामान्य रूप से संपन्न कराया गया। घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक भाजपा की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
लेकिन लोग सवाल उठा रहे है कि झुंझुनू जिले के भाजपा प्रत्याशियों तक का नाम मंच से पुकार लिया गया और तो और पूर्व और भूत पूर्व को भी नहीं भुला गया ऐसी स्थिति में वर्तमान भाजपा विधायक का नाम भूलना लोग इसे महज मानवीय भूल से अधिक झुंझुनू भाजपा के अंदर के घमासान से भी जोड़कर देख रहे है। आप की इस पूरे मामले पर क्या राय है कमेंट कर बताए। ब्यूरो रिपोर्ट झुंझुनू






