2024 के चर्चित हत्या मामले में एडीजे कोर्ट का फैसला, आरोपी बेटे को कारावास
चूरू जिले के रतनगढ़ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने वर्ष 2024 में हुए पिता की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी बेटे को दोषी मानते हुए 5 वर्ष के साधारण कारावास और आर्थिक दंड से दंडित किया है।
एडीजे कोर्ट ने सुनाया फैसला
एडीजे कोर्ट के अपर लोक अभियोजक एडवोकेट डॉ. जयाकांत बिंवाल ने बताया कि एडीजे सुरेन्द्र कौशिक की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुनाया।
मामला वर्ष 2024 में रतनगढ़ थाने में दर्ज हुआ था। तत्कालीन थानाधिकारी दिलीप सिंह द्वारा दर्ज प्रकरण में आरोपी प्रिंस शर्मा को अपने पिता की हत्या का आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया गया था।
26 गवाह और 45 दस्तावेज बने आधार
अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 26 साक्ष्य और 45 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
इन साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सजा सुनाई।
क्या सजा सुनाई गई?
न्यायालय ने आरोपी प्रिंस शर्मा को:
- 5 वर्ष का साधारण कारावास
- 5,000 रुपये का अर्थदंड
से दंडित किया है।
इसके अलावा धारा 238(ख) बीएनएस के तहत:
- 1 वर्ष का साधारण कारावास
- 1,000 रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड
भी लगाया गया है।
फैसले के बाद आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया।
रेलवे कर्मचारी थे मृतक
जानकारी के अनुसार मृतक विजय कुमार रेलवे विभाग में कर्मचारी थे और रतनगढ़ रेलवे कॉलोनी स्थित रेलवे क्वार्टर में रहते थे।
हत्या की इस घटना ने उस समय क्षेत्र में काफी चर्चा बटोरी थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी
मामले में राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट डॉ. जयाकांत बिंवाल ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को अदालत ने पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।





