राजस्थान वाल्मीकि सफाईकर्मी यूनाइटेड फोरम के बैनर तले शुक्रवार को चिड़ावा में स्थानीय निकाय विभाग की सफाई कर्मचारी भर्ती नियमों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष हाथों में झाड़ू लेकर उपखंड कार्यालय पहुंचे और भर्ती नियमों में संशोधन की मांग को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी कैलाश सिंह कविया को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के नाम ज्ञापन सौंपा।
संविदा भर्ती निरस्त कर नियमित भर्ती की मांग
राजस्थान वाल्मीकि सफाईकर्मी यूनाइटेड फोरम के संयोजक सुरेश जयदिया के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय निकाय विभाग में सफाई कर्मचारियों की भर्ती राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स नियम, 2022 के तहत संविदा आधार पर की जा रही है, जो पारंपरिक रूप से सफाई कार्य से जुड़े परिवारों के हितों के अनुरूप नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से संविदा भर्ती प्रक्रिया समाप्त कर नियमित एवं स्थायी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग की।
अनुभव प्रमाण पत्र की शर्त हटाने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया में एक वर्ष के अनुभव प्रमाण पत्र की अनिवार्यता ग्रामीण क्षेत्रों के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी बाधा बन रही है। ग्रामीण इलाकों में अधिकांश स्थानों पर निर्धारित प्रारूप में अनुभव प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण अनेक योग्य और बेरोजगार युवा आवेदन से वंचित रह जाते हैं।
फोरम ने मांग की कि अनुभव प्रमाण पत्र की शर्त समाप्त कर सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान किए जाएं।
पारंपरिक परिवारों को मिले प्राथमिकता
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सफाई कार्य लंबे समय से वाल्मीकि समाज के परिवारों द्वारा किया जाता रहा है। ऐसे में संविदा आधारित व्यवस्था के बजाय नियमित भर्ती प्रक्रिया अपनाकर योग्य अभ्यर्थियों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान सुरेश जयदिया, दुर्गाराम, सुनील, गोपी वाल्मीकि, राकेश, विजय, लोकेश, रमेश, दीपक, सेवाराम, रवि, परमेश्वर, लक्ष्मण, मूलचंद, अनुराग, राजेश, राजू, नेतराम, नरेंद्र, केदारमल, दिलीप, दयाशंकर कांगड़ा, अजय जेदिया, विकास, संतोष, पवन, संजय, विक्की, मनोज, मुकेश, विक्रम, बबली देवी सहित बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष उपस्थित रहे।






