उपभोक्ता मामलों के मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर विधिक माप विज्ञान (लीगल मेट्रोलॉजी) विभाग ने प्रदेशभर में पैक्ड वस्तुओं (Packaged Commodities) के पैकर्स के खिलाफ दो दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान 62 निरीक्षण किए गए, जिनमें विभिन्न अनियमितताओं के चलते 44 फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई की गई तथा कुल 7.06 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बिना पंजीकरण और सत्यापित बाट-माप के मिले कई पैकर्स
निरीक्षण के दौरान 24 फर्में बिना अनिवार्य पैकर पंजीकरण (Packer Registration) के पैकिंग कार्य करती हुई पाई गईं।
इसके अलावा 32 फर्मों के विरुद्ध सत्यापित बाट-माप का उपयोग नहीं करने अथवा वैध सत्यापन प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने पर विधिक कार्रवाई की गई।
वहीं 9 फर्मों को लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम, 2011 के तहत अनिवार्य घोषणाएं अंकित नहीं करने पर सुधार सूचना (Improvement Notice) जारी की गई।
कम मात्रा में पैकिंग पर तीन फर्मों के उत्पाद जब्त
अभियान के दौरान अजमेर और अलवर की तीन फर्मों में घोषित मात्रा से कम उत्पाद पैक किए जाने के मामले सामने आए।
इनमें
- आर.के. प्रोडक्ट्स, सोमलपुर (अजमेर) द्वारा पैक किए जा रहे कॉर्न स्नैक्स के पैकेटों में घोषित मात्रा से कम सामग्री पाई गई।
- सिबा मसाला उद्योग प्रा. लि., अलवर के 100 ग्राम धनिया पाउडर के पैकेटों में कम मात्रा मिलने पर 50 पैकेट जब्त किए गए।
- अब्राम फूड लिमिटेड, अलवर के 500 मिलीलीटर सरसों तेल के पैकेटों में भी घोषित मात्रा से कम सामग्री मिलने पर 50 पैकेट जब्त किए गए।
भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान
उपनियंत्रक, विधिक माप विज्ञान आलोक झरवाल ने बताया कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा तथा विधिक माप विज्ञान अधिनियम एवं लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम, 2011 के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के विशेष अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे।
उन्होंने सभी पैकर्स, निर्माताओं और विक्रेताओं से नियमों का पालन करने तथा पैकेज्ड उत्पादों पर निर्धारित घोषणाएं और सही मात्रा सुनिश्चित करने की अपील की।






