रतनगढ़ में दर्दनाक हादसा, इलाज के दौरान मौत
रतनगढ़। शहर में बेसहारा नंदियों की समस्या ने एक बार फिर जान ले ली। वार्ड संख्या 14, नाईयों के मंदिर के पास निवासी 85 वर्षीय अमरचंद दाधीच की रविवार देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार 4 फरवरी की शाम करीब 6 बजे, अमरचंद दाधीच बाइक के पीछे बैठकर घर लौट रहे थे।
अशोक स्तंभ के पास पुरानी आईटीआई क्षेत्र में लड़ते हुए नंदियों के अचानक मोटरसाइकिल से टकरा जाने से वे सड़क पर गिर पड़े।
हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई।
रतनगढ़ से सीकर और जयपुर तक इलाज
घायल अवस्था में उन्हें तुरंत रतनगढ़ के राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से सीकर रेफर किया गया।
हालत में सुधार नहीं होने और होश न आने पर 08 फरवरी को सीकर से जयपुर के एसएमएस अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
कस्बे में शोक की लहर
जैसे ही अमरचंद दाधीच की मृत्यु का समाचार फैला, पूरे रतनगढ़ कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई।
सोमवार 09 फरवरी को जालान मुक्ति धाम में अंतिम संस्कार किया गया।
नंदियों की समस्या पर फूटा जन आक्रोश
अंतिम संस्कार के बाद सर्व समाज के लोगों ने घटना पर गहरा आक्रोश जताया।
लोगों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी रतनगढ़ के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
नंदीशाला की मांग, आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में मांग की गई कि
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शहर में खुले घूम रहे बेसहारा नंदियों के लिए नंदीशाला बनाई जाए
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आमजन की जान को खतरा बन रही इस समस्या का तत्काल समाधान किया जाए
लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन किया जाएगा।
नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
इस दौरान आक्रोशित लोगों ने नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
उपखंड अधिकारी की ओर से यह ज्ञापन तहसीलदार पूजा पारीक ने प्राप्त किया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में सर्व समाज के गणमान्य नागरिक,
विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
