Archive Notice: This article was originally published on 2 नवम्बर 2025.
Information, figures, and context may have changed since the time of publication.

इन बैंकों का अस्तित्व खतरे में

सरकार के इस नए नियम के बाद इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया, बैंक ऑफ़ इंडिया और बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र का अस्तित्व समाप्त हो सकता है।इन बैंकों के खाता धारकों के लिए बैंकिंग प्रक्रिया काफी चुनौती पूर्ण हो सकती है। बैंक के खाता धारकों को अपना चेक बुक, पासबुक और अन्य कागजों में बदलाव करना होगा।

शुरू हो सकती है जल्द विलय की प्रक्रिया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विलय का ड्राफ्ट रिकॉर्ड आफ डिस्कशन तैयार किया जा चुका है और अब इसे कैबिनेट और प्रधानमंत्री कार्यालय में जल्द भेजा जाएगा। अगर इसको मंजूरी मिलती है तो वित्त विभाग साल 2026-27 में मेगा मर्जर कर सकता है।

इन बैंकों पर नहीं होगा कोई असर

इस मेगा मर्जर के बाद स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, Bank of Baroda, केनरा बैंक पर कोई असर नहीं होगा।

विलय के बाद खाताधारको को बैंकिंग कागजात बदलने की जरूरत होगी वही कर्मचारियों के बीच नौकरी की चिंता बनी हुई है। हालांकि सरकार ने साफ शब्दों में कह दिया है कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी और बैंकिंग विलय का नकारात्मक असर नहीं होगा।

The most trusted source for latest news, breaking news and detailed analysis of Jhunjhunu, Sikar and Churu district. We bring news directly to you from Jhunjhunu, Nawalgarh, Mandawa, Chirawa, Udaipurwati,...