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केंद्रीय बैंक में बताया कि कुछ महीनें पहले बैंक के वित्तीय स्थिति की समीक्षा की गई थी और निरीक्षण के दौरान इसमें गंभीर खामियां पाई गई। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बैंक के बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधन से इन कमियों को सुधारने के लिए चर्चा किया लेकिन बैंक के द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बैंक के ऊपर पाबंदियां लगा दिया। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा कि बैंक को बंद नहीं करना है बल्कि इसमें अनुशासन बहाल करना है।
कर्ज और नई जमा पर लगी रोक
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के द्वारा कई तरह की पाबंदियां द वाघाट अर्बन कोऑपरेटिव बैंक पर लगाई गई है। बैंक किसी भी तरह की नई जाम को स्वीकार नहीं करेगा ना ही उधारी देगा। ग्राहक अपने चालू या बचत खाते से अधिकतम ₹10000 निकाल सकते हैं। जब बैंक में अनुशासन बहाल हो जाएगा तब आरबीआई सभी तरह के नियमों को हटा लेगा।
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा कि बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा बल्कि बैंक में वृत्तीय सुधार लाने का प्रयास जारी रखा जाएगा।अरब ने कहा कि समय-समय पर बैंकों में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाते हैं।इस बैंक में भी कई तरह की कमी पाई गई जिसके बाद इस पर पाबंदी लगाई गई।
