Archive Notice: This article was originally published on 28 जनवरी 2026.
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Indian Railway rules: हमारे देश में बड़े पैमाने पर लोग ट्रेन से सफर करते हैं। ट्रेन से सफर करना जितना आरामदायक होता है उतना ही कम खर्चीला होता है। भारतीय रेल को देश की लाइफ लाइन कहा जाता है और हर दिन लाखों लोग अपने काम पढ़ाई या परिवार से मिलने के लिए ट्रेनों से सफर करते हैं। सफर सस्ता और आरामदायक होने के कारण लोग ट्रेन को अपनी पहली पसंद मानते हैं।

 

कई बार टिकट करने के बाद अचानक से टिकट कैंसिल करना पड़ता है। जब टिकट कैंसिल करना होता है तो लोगों के दिमाग में यही सवाल आता है कि मेरा पूरा पैसा वापस कब मिलेगा। भारतीय रेलवे के नियम कहते हैं कि रिफंड इस बात पर निर्भर करता है कि आप टिकट कब और किस स्थिति में कैंसिल कर रहे हैं।

 

 ट्रेन चार्ट बनने से पहले कैंसिलेशन का नियम

 

 अगर आप ट्रेन का चार्ट तैयार होने से पहले टिकट कैंसिल करते हैं तो रेलवे आपको पैसा वापस कर देता है हालांकि इसमें एक छोटा सा हिस्सा काट लिया जाता है।

 

 कंफर्म टिकट को लेकर क्या है नियम 

 अगर ट्रेन छूटने की 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल किया जाता है तो हर क्लास के हिसाब से फिक्स चार्ज काटा जाता है। फर्स्ट एसी क्लास के लिए 240 रुपए, स्लीपर के लिए ₹120 और सेकंड क्लास के लिए ₹60 काटा जाता है। अगर आपका टिकट कंफर्म नहीं है और आप इसे कैंसल करते हैं तो रेलवे कुछ पैसा काट कर आपका पैसा वापस कर देता है।

रेलवे खुद टिकट कैंसिल करें तो कितना मिलेगा रिफंड

 अगर किन्हीं कर्म से रेलवे के द्वारा पूरी ट्रेन कैंसिल कर दी जाती है तो ऐसे में यात्रियों को 100% रिफंड दे दिया जाता है। यह रिफंड इस अकाउंट में आता है जिससे टिकट बुक किया गया है। अगर ट्रेन शुरुआती 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट है तो आप चाहे तो उसे ट्रेन से सफल न करके पूरा रिफंड मांग सकते हैं।

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