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बता दे कि प्रदेश में 1 नवंबर से जमीनी रजिस्ट्री को लेकर कुछ बदलाव होने वाले है जिसका लाभ आमजन को मिलने वाला है। अधिक जानकारी के लिए बता दे कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठक कर डिजिटल सुधारों की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में डॉ. मिश्रा ने बताया कि 58 साल पुरानी पारंपरिक प्रणाली से अब हरियाणा एक आधुनिक, डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य न केवल कार्यकुशलता बढ़ाना है बल्कि नागरिकों को त्वरित और निष्पक्ष सेवाएं प्रदान करना भी है।
एक नवंबर से पेपर रहित रजिस्ट्री प्रणाली शुरू
जानकारी के लिए बता दे कि फरीदाबाद जिले की सभी तहसीलों और उप-तहसीलों में एक नवंबर से पेपर रहित रजिस्ट्री प्रणाली शुरू की जा रही है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
जारी हुए निर्देश
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि अधिकारियों के अनुसार, इस नई प्रणाली को लेकर संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री सैनी ने 30 सितंबर को कुरुक्षेत्र जिले की बाबैन तहसील में पेपर रहित रजिस्ट्री की शुरुआत की थी, जिसके बाद अब इसे फरीदाबाद जिले में भी लागू किया जा रहा है।
राजस्व विभाग ने नागरिकों से स्टांप पेपर न खरीदने की सलाह दी है। जिन लोगों ने पहले ही स्टांप पेपर खरीद लिए हैं, उन्हें 1 नवंबर से पहले रजिस्ट्री पूरी करने का निर्देश दिया गया है। नई प्रणाली लागू होने के बाद पुराने तरीके से पंजीकरण नहीं किया जा सकेगा।
ऐसे होगी ऑनलाइन रजिस्ट्री Property Online Registry
नई प्रणाली के तहत, नागरिकों को अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
स्टांप शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन सरकारी कोष में किया जाएगा।
दस्तावेज सबमिट होते ही वे संबंधित तहसीलदार को दिखने लगेंगे।
पांच दिन के भीतर रजिस्ट्री क्लर्क दस्तावेजों की जांच करेंगे।
किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर आवेदक को सूचित किया जाएगा।
सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आवेदक को केवल एक बार फोटो और हस्ताक्षर के लिए बुलाया जाएगा।
जिस्ट्री प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन जारी किया जाएगा, जिससे नागरिक अपने घर बैठे इसे प्राप्त कर सकेंगे।
