चूरू। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि स्वीकृत कराने के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने के मामले में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के एक कनिष्ठ सहायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
एसीबी के अनुसार परिवादी ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अंतरजातीय विवाह के बाद उसने राज्य सरकार की 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन सहायता राशि के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायत के अनुसार विभाग में कार्यरत कनिष्ठ सहायक पवन कुमार थालोड़ ने आवेदन में कमी बताकर सहायता राशि स्वीकृत करवाने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। आरोप है कि उसने 25 हजार रुपये पहले और शेष 25 हजार रुपये सहायता राशि जारी होने के बाद देने की शर्त रखी थी।
सत्यापन में शिकायत की हुई पुष्टि
उप महानिरीक्षक एसीबी बीकानेर नारायण टोगस के सुपरविजन में एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया। एसीबी के अनुसार सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की गई।
हालांकि, इस बीच आरोपी के कार्य विभाजन में बदलाव होने के कारण ट्रैप की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद एसीबी मुख्यालय जयपुर को रिपोर्ट भेजी गई और 25 जून 2026 को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
एसीबी ने आमजन से की अपील
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी हेल्पलाइन 1064 या एसीबी के व्हाट्सएप नंबर पर दें।






