चूरू। अग्रसेन नगर ओवरब्रिज को लेकर चूरू सांसद राहुल कस्वां ने भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। कस्वां ने ओवरब्रिज को ‘कंक्रीट का प्रेत’ बताते हुए आरोप लगाया कि जनता के पैसे की बर्बादी के साथ शहर के लोगों के लिए रोजाना की समस्या खड़ी हो गई है।
सांसद ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि आखिरकार भाजपा सरकार और जिला प्रशासन ने चूरू शहर में ‘8वां अजूबा’ तैयार कर ही दिया।
96 करोड़ की लागत पर उठाया सवाल
राहुल कस्वां ने कहा कि राजस्थान सरकार और रेलवे के संयुक्त प्रोजेक्ट के रूप में तैयार अग्रसेन नगर ओवरब्रिज की लागत करीब 96 करोड़ रुपए है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े खर्च के बावजूद यदि निर्माण के बाद आमजन को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो इसके लिए जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई।
फोरलेन टेंडर के बावजूद टू-लेन क्यों?
सांसद ने फ्लाईओवर के डिजाइन को लेकर कई सवाल सरकार और प्रशासन के सामने रखे हैं।
उन्होंने पूछा कि फोरलेन बनने वाले फ्लाईओवर के टेंडर होने के बावजूद इसे टू-लेन क्यों कर दिया गया?
कस्वां का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को शुरुआत से ही स्थानीय प्रशासन से लेकर जयपुर के उच्च अधिकारियों, संबंधित मंत्री और मुख्यमंत्री तक के सामने उठाया, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
डिजाइन की गलतियों को माना तो सुधार क्यों नहीं हुआ?
सांसद ने दावा किया कि फ्लाईओवर के डिजाइन में खामियों को अधिकारियों ने भी माना था। इसके बावजूद उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कमियां सामने आ गई थीं तो उन्हें दूर करने के लिए समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए गए।
कस्वां ने कहा कि उन्होंने निर्माण और डिजाइन से जुड़ी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
मुख्यमंत्री की एलिवेटेड रोड घोषणा पर भी सवाल
राहुल कस्वां ने चूरू में मुख्यमंत्री की ओर से की गई एलिवेटेड रोड की घोषणा को लेकर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं चूरू आकर एलिवेटेड रोड की घोषणा करके गए थे और बजट में भी इसका उल्लेख हुआ, लेकिन यह घोषणा अब तक कागजों से बाहर क्यों नहीं निकल सकी, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
सांसद ने सरकार के सामने रखे ये सवाल
राहुल कस्वां ने मुख्य रूप से तीन सवाल उठाए हैं—
1. फोरलेन के टेंडर के बावजूद फ्लाईओवर को टू-लेन क्यों किया गया?
2. अधिकारियों ने डिजाइन की गलतियां मानीं तो उनमें सुधार क्यों नहीं किया गया?
3. मुख्यमंत्री की ओर से घोषित एलिवेटेड रोड का काम अब तक धरातल पर क्यों नहीं उतरा?
सांसद के इस बयान के बाद अग्रसेन नगर ओवरब्रिज की डिजाइन, निर्माण और भविष्य की यातायात व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।






