चूरू। बीदासर तहसील क्षेत्र में इन दिनों गांवों का माहौल दो अलग-अलग गतिविधियों से जुड़ा नजर आ रहा है।
एक तरफ किसानों के खेतों में पकी हुई फसलें कटाई का इंतजार कर रही हैं। किसान दिनभर खेतों में फसल काटने में जुटे हैं।
दूसरी तरफ गांवों की चौपालों और बैठकों में पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा है। गांव की सरकार के चुनाव को लेकर संभावित समीकरणों और स्थानीय मुद्दों पर लोग चर्चा कर रहे हैं।
किसान के सामने खेत या चुनावी चर्चा की चुनौती
फसल कटाई का समय किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि समय पर फसल की कटाई नहीं हो तो मौसम या अन्य कारणों से फसल खराब होने और आर्थिक नुकसान की चिंता बनी रहती है।
वहीं पंचायत चुनाव भी ग्रामीण क्षेत्र में महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। ऐसे में किसान चाहकर भी हर चुनावी चर्चा और चौपाल में समय नहीं दे पा रहे हैं।
किसानों के सामने एक तरह से खेत और चौपाल के बीच समय बांटने की चुनौती बनी हुई है।
पहली प्राथमिकता फसल की कटाई
ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों किसान अपनी पकी फसलों की कटाई को प्राथमिकता दे रहे हैं।
किसानों का मानना है कि खेत में खड़ी फसल को पहले सुरक्षित करना जरूरी है। इसके बाद ही वे गांव की राजनीति और पंचायत चुनाव से जुड़ी चर्चाओं के लिए समय निकाल पा रहे हैं।
ऐसे में बीदासर क्षेत्र के गांवों में इन दिनों खेतों में फसल कटाई और चौपालों पर पंचायत चुनाव की चर्चा एक साथ देखने को मिल रही है।
गांव की सरकार को लेकर चर्चाएं तेज
पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। ग्रामीण स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि किसानों के लिए इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता खेतों में खड़ी पकी फसल को समय पर काटकर सुरक्षित करना है।
यही वजह है कि बीदासर तहसील क्षेत्र में किसान फिलहाल फसल कटाई को पहली प्राथमिकता देते हुए पंचायत चुनाव की चर्चाओं के लिए भी समय निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
