चूरू पुलिस ने चेक अनादरण (धारा 138 एनआई एक्ट) के दो मामलों में वांछित एक स्थायी वारंटी को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई से बचता फिर रहा था तथा अपनी पहचान छिपाकर वहां नौकरी कर रहा था।

जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद के निर्देश पर जिले में फरार अपराधियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की।

न्यायालय के वारंट पर शुरू हुई तलाश

पुलिस के अनुसार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, चूरू द्वारा रमेश बनाम रामसिंह तथा लक्ष्मणसिंह बनाम रामसिंह प्रकरणों में आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए थे।

आरोपी रामसिंह बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के तोलियासर गांव का निवासी है। वह चूरू के वार्ड नंबर 5 में भी रह चुका है और काफी समय से फरार चल रहा था।

तकनीकी इनपुट से पुणे तक पहुंची पुलिस

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार और वृत्ताधिकारी गजेंद्र सिंह के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में एएसआई अमरचंद और कांस्टेबल महेंद्र कुमार को शामिल किया गया।

पुलिस ने तकनीकी इनपुट और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। जांच के दौरान सूचना मिली कि आरोपी महाराष्ट्र के पुणे में रह रहा है।

पहचान छिपाकर मिठाई की दुकान पर कर रहा था काम

पुलिस टीम ने पुणे पहुंचकर दबिश दी, जहां आरोपी ‘बीकानेर मिष्ठान भंडार’ नामक दुकान पर अपनी पहचान छिपाकर काम करता मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चूरू लाया गया, जहां उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में फरार अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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