चूरू, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने शनिवार को जिला परिषद सभागार में ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
सुराणा ने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। योजनाओं का उद्देश्य सीधे ग्रामीणों तक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
निर्देशों में शामिल प्रमुख बिंदु
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पीएम आवास योजना और मानसून में क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कार्यों का तुरंत क्रियान्वयन।
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डीएमएफटी के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को फरवरी माह में पूरा करना।
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अटल ज्ञान केंद्र और ओपन जिम को शीघ्र प्रारंभ करना।
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महानरेगा और वित्त आयोग से जुड़े कार्यों का समय पर पूर्ण होना।
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पोस्ट-मानसून कार्यों, पंचायत खेल मैदान विकास, आंगनबाड़ी मरम्मत और जल स्वावलंबन अभियान 2.1 एवं 2.2 के कार्यों का समुचित क्रियान्वयन।
स्थानीय जरूरतों पर विशेष फोकस
जिला कलक्टर ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय विशेषताओं और आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य किए जाएं। उन्होंने महानरेगा में लेबर डिप्लॉयमेंट, समयबद्ध भुगतान और डाटा एंट्री की निगरानी पर भी जोर दिया।
सफाई और स्वच्छता पर ध्यान
सीईओ श्वेता कोचर ने घर-घर कचरा संग्रहण और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर दिशा-निर्देश दिए। एसीईओ भागचंद खारिया ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत सभी कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में उपस्थित लोग
सभी विकास अधिकारी, जिला परिषद स्टाफ, सहायक व कनिष्ठ अभियंता बैठक में मौजूद रहे और समीक्षा के दौरान अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों की प्रगति साझा की।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी और प्रभावी विकास कार्य ही प्राथमिकता में हों, जिससे आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके।
