चूरू। साइबर थाना पुलिस ने फेसबुक पर विदेशी महिला डॉक्टर बनकर 38 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक कथित सदस्य को असम से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान श्याम ठाकुर निवासी डिब्रूगढ़, असम के रूप में हुई है। आरोपी पर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम में से कमीशन काटकर बाकी राशि गिरोह तक पहुंचाने का आरोप है।
दिल्ली में अस्पताल खोलने का दिया झांसा
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम के अनुसार, तारानगर थाना क्षेत्र के बनड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने 18 जून को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक पर ‘एनलिन स्मिथ’ नाम की आईडी से एक महिला ने खुद को इंग्लैंड की डेंटिस्ट और दवा विक्रेता बताया।
महिला ने दिल्ली में बच्चों का बड़ा अस्पताल खोलने और सुरेंद्र सिंह को उसमें साझेदार बनाने का झांसा दिया। इसके बाद भारत आने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़े जाने और अस्पताल में निवेश के नाम पर रकम मांगी गई।
पुलिस के अनुसार, 2 जून से 13 जून के बीच पीड़ित से 45 बार में 9 अलग-अलग बैंक खातों में कुल 38 लाख 8 हजार 500 रुपये ट्रांसफर करवाए गए।
तकनीकी जांच के बाद असम पहुंची पुलिस टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार और दिनेश कुमार के सुपरविजन तथा साइबर थानाधिकारी विजय कुमार मीणा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। इसके आधार पर सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार के साथ कांस्टेबल राहुल और अंकित की टीम को असम भेजा गया।
पुलिस टीम ने 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक खोंवाग क्षेत्र में डेरा डालकर आरोपी श्याम ठाकुर को डिब्रूगढ़ से दस्तयाब किया और गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर आरोपी को चूरू लाया गया।
17 बैंक खाते गिरोह को उपलब्ध कराने का आरोप
पूछताछ में पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ठगी की कुल रकम में से 14 लाख 20 हजार रुपये अपने बैंक खाते में डलवाए थे।
रकम खाते में जमा होते ही वह उसे निकालकर अपना कमीशन काटता और बाकी राशि गिरोह के सदस्यों तक पहुंचा देता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक विभिन्न बैंकों में 17 फर्जी खाते खुलवाकर गिरोह को उपलब्ध करा चुका है।
पहले भी एक आरोपी हो चुका है गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही उत्तर प्रदेश से एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित के करीब 6 लाख 26 हजार 962 रुपये रिकवर कराए जा चुके हैं।
अब पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी। पुलिस को पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
