चूरू। जिला साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं में सब्सिडी दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में इन खातों को साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
सब्सिडी का झांसा देकर खुलवाते थे खाते
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि देवाणी निवासी मेघाराम लुहार की रिपोर्ट पर मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच सहायक उपनिरीक्षक रमेशचन्द ने की।
जांच में सामने आया कि जितेन्द्र कुमार, अंकित, कार्तिक और सेठी भाट खुद को एयरटेल पेमेंट्स बैंक का प्रतिनिधि और एनजीओ से जुड़ा व्यक्ति बताकर ग्रामीणों से संपर्क करते थे।
आरोपी ग्रामीणों को बकरी पालन, दुग्ध उत्पादन और सौर ऊर्जा जैसी सरकारी योजनाओं में सब्सिडी दिलाने का झांसा देते थे।
ऑनलाइन KYC और फोटो लेकर खुलवाए करंट खाते
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने ग्रामीणों से ऑनलाइन KYC और फोटो लेकर एयरटेल पेमेंट्स बैंक में करंट खाते खुलवाए।
खाते खुलने के बाद खाताधारकों को न तो पासबुक दी गई और न ही एटीएम कार्ड दिया गया।
इसके बाद आरोपियों ने इन बैंक खातों को साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह को बेच दिया। पुलिस के अनुसार इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाने में विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस उप अधीक्षक विजय कुमार मीणा के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार एवं दिनेश कुमार के सुपरविजन में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
- जितेन्द्र कुमार जैन, निवासी सुजानगढ़
- अंकित जाट, निवासी उदनसर फतेहपुर
- कार्तिक जाट, निवासी माण्डेला
के रूप में हुई है।
फतेहपुर, छापर और सुजानगढ़ में भी नेटवर्क की जानकारी
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने फतेहपुर, छापर, सुजानगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी की है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है। उनसे गिरोह के अन्य सदस्यों, नेटवर्क और साइबर अपराधियों को बेचे गए बैंक खातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
साइबर थाना पुलिस की टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर थाने के पुलिस निरीक्षक कमल कुमार, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार और कांस्टेबल सुनील कुमार शामिल रहे।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किए जाने की जानकारी सामने आई है।






