चूरू के डाबला गांव में 60 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठग ने खुद को परिचित डॉक्टर बताकर पहले खाते में रकम भेजने का झांसा दिया और बाद में QR कोड के जरिए 62 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
मामले का खुलासा बेटे से बातचीत के बाद हुआ। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर साइबर डेस्क ने जांच शुरू कर दी है।
परिचित डॉक्टर बनकर किया फोन
कोतवाली थाना साइबर डेस्क के सुनील कुमार धायल के अनुसार, डाबला गांव निवासी बुजुर्ग के पास एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को उनका परिचित डॉक्टर बताया।
बातचीत के दौरान आरोपी ने कहा कि उसके बैंक खाते में तकनीकी समस्या है और वह कुछ रुपये बुजुर्ग के खाते में भेज रहा है। इसके बाद रकम मिलने पर बताए गए पते पर भुगतान करने की बात कही।
फर्जी बैंक मैसेज भेजकर जीता भरोसा
साइबर ठग ने बुजुर्ग के मोबाइल पर खाते में रुपये जमा होने का फर्जी मैसेज भेज दिया। बुजुर्ग ने मैसेज को सही मान लिया और आरोपी के झांसे में आ गए।
इसके बाद ठग ने अलग-अलग समय पर QR कोड और स्कैनर भेजे। इनके जरिए बुजुर्ग से कुल 62 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।
बेटे से बातचीत में सामने आया पूरा मामला
बाद में बुजुर्ग ने अपने बेटे से बातचीत की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। उन्हें पता चला कि खाते में रकम जमा होने का मैसेज फर्जी था और वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
इसके बाद पीड़ित ने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दी साइबर ठगी से बचने की सलाह
पुलिस की साइबर डेस्क ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के परिचित या डॉक्टर बनकर फोन करने पर उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें।
पुलिस ने कहा कि अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन कर पैसे ट्रांसफर नहीं करें। खाते में रकम जमा होने संबंधी केवल SMS पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन से पहले बैंक खाते की वास्तविक स्थिति जांच लें।






