चूरू। नसों, मांसपेशियों और गंभीर बीमारियों के कारण लंबे समय से दर्द झेल रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध डीबी अस्पताल में पेन एंड पैलिएटिव केयर ओपीडी की नियमित सेवाएं शुरू कर दी गई हैं।
यह ओपीडी ट्रोमा सेंटर में ऑर्थोपेडिक ओटी के पास स्थित कमरे में संचालित होगी। मरीज यहां रोजाना सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक परामर्श ले सकेंगे। अवकाश के दिन ओपीडी बंद रहेगी। इसकी शुरुआत गुरुवार से की गई।
इस सुविधा से लंबे समय से दर्द से परेशान मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम होगी।
पेन मेडिसिन विशेषज्ञ करेंगे मरीजों का उपचार
ओपीडी में एनेस्थीसिया एवं पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुमन और डॉ. आकांक्षा मरीजों को देखेंगे। दोनों चिकित्सकों को इंटरवेंशनल पेन प्रैक्टिस का अनुभव है।
डॉ. सुमन इस सेवा के लिए जोधपुर एम्स से एक साल की विशेष ट्रेनिंग लेकर आई हैं। ओपीडी में मरीजों के दर्द के कारणों का आकलन कर उपचार संबंधी परामर्श दिया जाएगा।
कमर, गर्दन और घुटनों के दर्द को न करें नजरअंदाज
कमर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों का दर्द, नसों में दर्द और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ी पीड़ा को कई लोग उम्र का असर मानकर लंबे समय तक सहते रहते हैं।
जबकि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में लंबे समय तक बना रहने वाला दर्द भी एक चिकित्सकीय समस्या माना जाता है। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने से दर्द के कारण की पहचान और उचित उपचार में मदद मिल सकती है।
फुट एंड एंकल केयर ओपीडी भी शुरू
डीबी अस्पताल में गुरुवार से फुट एंड एंकल केयर ओपीडी की सेवाएं भी शुरू की गई हैं। यह ओपीडी ऑर्थो ओपीडी के पास प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक संचालित होगी।
इसमें फुट एंड एंकल सर्जन डॉ. राजेश कुमार शर्मा मरीजों का उपचार करेंगे। पैर और टखने में जन्मजात विकृतियों से जूझ रहे मरीजों के साथ जटिल विकृतियों और पुनर्निर्माण संबंधी मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मिनिमली इनवेसिव सर्जरी से भी होगा उपचार
फुट एंड एंकल ओपीडी में जरूरत के अनुसार मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (MIS) सहित उपचार के विकल्पों पर विचार किया जाएगा। इस पद्धति में छोटे चीरे के माध्यम से सर्जरी की जाती है।
यहां एड़ी के दर्द, पैर व टखने की चोटों, गठिया, पैर की विकृतियों और खेल संबंधी चोटों से परेशान मरीज भी परामर्श ले सकेंगे।
इन दोनों विशेष ओपीडी के शुरू होने से चूरू और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।






