चूरू। गौवंश संरक्षण, गौ-हत्या पर कठोर कानून तथा गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर दादू भवन, चूरू में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के द्वितीय चरण के तहत संतों, महात्माओं एवं गौभक्तों की कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में देशव्यापी जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
कार्यशाला में चन्द्रमादास महाराज, ध्याननाथ महाराज, नवरतन गिरी महाराज, परमेश्वर गिरी महाराज तथा सूर्यनाथ महाराज सहित कई संत मौजूद रहे।
गौवंश संरक्षण को बताया सामाजिक और पर्यावरणीय विषय
कार्यशाला को संबोधित करते हुए संतों ने कहा कि गौवंश संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने गौ-हत्या पर प्रभावी कानून बनाने तथा समाज के सभी वर्गों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
27 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर सौंपे जाएंगे ज्ञापन
बैठक में निर्णय लिया गया कि 27 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे चूरू सहित देशभर के जिला मुख्यालयों पर गौभक्त एकत्रित होकर जिला कलक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री एवं संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
आयोजकों के अनुसार, ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय की स्थापना, गौचर भूमि संरक्षण तथा गोबर-गोमूत्र आधारित प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने सहित 40 प्रमुख मांगें शामिल की गई हैं। साथ ही 27 जुलाई और 27 अक्टूबर को ‘गौ सम्मान दिवस’ के रूप में मनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
अभियान को सफल बनाने का किया आह्वान
बैठक में गोपी शर्मा, बी.एन. राजोतिया, हरीश बजाज, आशीष चोटिया सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गौभक्त उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अभियान के प्रभावी संचालन के लिए समिति का गठन किया गया। साथ ही युवाओं, मातृशक्ति और सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर जनजागरण अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया गया।






