चूरू में 14 अगस्त को स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर जिला प्रशासन की ओर से मातुश्री कमला गोयनका टाउन हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की देशभक्ति और लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया, वहीं विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तहत लगाई गई प्रदर्शनी का भी अतिथियों ने अवलोकन किया।
कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, चूरू विधायक हरलाल सहारण, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, सीईओ श्वेता कोचर सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
‘मां से है माटी’ से गूंजा टाउन हॉल
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों और लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां दीं। ‘मां से है माटी, मां से है माथा, माथे पे माटी सजा के चले…’ सहित देशभक्ति गीतों पर विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
विद्यार्थियों ने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’, ‘तिरंगे की शान रहे’ और ‘ये देश है वीर जवानों का’ जैसे गीतों पर भी प्रस्तुतियां दीं। दर्शकों ने तालियों के साथ विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
राठौड़ बोले- आजादी बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि देश को आजादी बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में वीरों ने स्वराज्य के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया और आज देशवासी खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘अनेकता में एकता’ की भावना के साथ देश में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल कायम है। उन्होंने स्वाधीनता दिवस को देश के वीर जवानों की ओर से मिली अनमोल विरासत बताया।
विभाजन की त्रासदी को कभी नहीं भुलाया जा सकता
राठौड़ ने विभाजन की स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि विभाजन विभीषिका इतिहास का एक दर्दनाक अध्याय है। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान 1.5 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हुए और बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर-परिवार छोड़ने पड़े।
उन्होंने कहा कि इस त्रासदी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। साथ ही उन्होंने भारतीय संस्कृति और विरासत को सहेजने तथा मातृभूमि के प्रति कृतज्ञ रहने का आह्वान किया।
राठौड़ ने देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाईचारे और एकत्व की भावना के साथ देश को सक्षम बनाने में प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन के ‘कोड चूरू’ जैसे नवाचारी कार्यक्रमों की भी सराहना की और कहा कि तकनीकी शिक्षा व आत्मविश्वास को मजबूत कर ऐसे प्रयास युवा पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने में मददगार हैं।
विधायक बोले- नई पीढ़ी तक पहुंचे लोक संस्कृति की विरासत
चूरू विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि भारत अपनी विविधता और संस्कृति के कारण पूरी दुनिया में अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को लोकरंग से समृद्ध भारतीय संस्कृति की विरासत सौंपना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि स्वाधीनता दिवस देश के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान के कारण ही आज देशवासी स्वतंत्र वातावरण में जीवन जी रहे हैं।
कलेक्टर ने दिलाई शत-प्रतिशत मतदान की शपथ
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि देश की विविधता और संस्कृति उसकी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने भाईचारे और एकत्व को बनाए रखते हुए देश को सक्षम बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर अभिषेक सुराणा ने उपस्थित लोगों को निर्वाचनों में शत-प्रतिशत मतदान करने की शपथ भी दिलाई।
विद्यार्थियों ने दी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में विभिन्न सीबीईओ टीमों के साथ श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी उमावि, सीजेआरएम पब्लिक स्कूल, राजकीय सर्वहितकारिणी बालिका उमावि (पुत्री पाठशाला), ग्लोबल इंग्लिश एकेडमी, लॉर्ड्स इंटरनेशनल स्कूल, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, आदर्श विद्या मंदिर और पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम के दौरान विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गई। अंत में उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगीत का सामूहिक गान किया।






